घर के दरवाजे पर हर दस्तक के साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में माली नवीन का परिवार सहम जाता है। यहां तक कि दूधवाला भी दरवाजा खटखटाता है तो घर के लोग असहज हो जाते हैं। दरअसल, धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किए गए उमर गौतम ने यह दावा किया था कि उसने एएमयू में माली के रूप में काम कर रहे नवीन नाम के मूक बधिर का धर्मांतरण कराया है।
इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के परिसर में एक कमरे के क्वार्टर में रह रहे नवीन के परिवार के सदस्य हर आने-जाने वाले से पहले नाम-पता पूछते हैं। आसपास रहने वालों को भी मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा हो गया है। इसलिए वह नवीन के क्वार्टर की तरफ बढ़ने वाले हर शख्स को देखने के लिए अपने अपने मकानों से झांकना शुरू कर देते हैं। आसपास के लोग इस बात को लेकर जिज्ञासा में रहते हैं कि जो लोग नवीन के घर तक आए हैं, वह किस लिए आए हैं?
लेकिन जब पड़ोसियों से जानकारी मांगी जाती है तो वह अपने कदम पीछे खींच लेते हैं। पड़ोसियों में भी पुरुष सदस्य घर के बाहर न आकर परिवार की महिलाओं से ही मामले की जानकारी कर लेने के लिए कहते हैं। पूरे घटनाक्रम के बीच गौर करने वाली बात यह है कि माली के संबंध में जानकारी लेने आए लोग और उसके पड़ोस के लोग उसे नवीन के रूप में ही जानते हैं। यह वही नाम है, जो उसने विश्वविद्यालय में नौकरी करते समय दस्तावेजों में जिक्र किया था और अभी भी वही है।