धनीपुर मंडी स्थित एक प्राइवेट हॉस्पीटल में हुई कोरोना से पांच लोगो की मौत के बाद घटना स्थल पर परि?
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धनीपुर मंडी के पास कोविड एल-2 एसजेडी हॉस्पिटल में बुधवार की रात कोरोना संक्रमित पांच मरीजों की मौत होने के बाद उनके तीमारदारों ने ऑक्सीजन की कमी से मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई। देर रात ही यह खबर लखनऊ तक पहुंच गई। वहां से स्वास्थ्य से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब तलब हुआ। मगर, अधिकारी इन मौतों के पीछे ऑक्सीजन की किल्लत की बात से इंकार करते रहे।
एक तरफ अधिकारियों का ऑक्सीजन की कमी से इंकार करना और दूसरी ओर मृतकों के परिजनों का आरोप लगाने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। हॉस्पिटल प्रबंधन में भी खलबली मची रही। अस्पताल स्टाफ तीमारदारों के सामने तक नहीं आया।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बात अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती रही। मृतक अनिल कश्यप के भाई श्याम ने कहा कि अस्पताल में पांच मरीजों की एक साथ मौत कैसे हो गई? जबकि इनका उपचार कई दिनों से चल रहा था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों की मौत के एक घंटे के भीतर 40 ऑक्सीजन सिलिंडरों की सप्लाई क्यों की गई? यह महज संयोग है या फिर अधिकारी इन मौतों को लेकर उठ रहे सवालों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं? इन सवालों से प्रशासनिक अधिकारी भी बचते रहे।
एसीएम प्रथम केबी सिंह सहित पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाते नजर आए। मगर, परिवार वाले इन सवालों को लेकर लगातार हंगामा करते रहे। हैरत की बात यह रही कि पांच कोरोना मरीजों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमे से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पीड़ित परिवार वालों को सांत्वना देने नहीं पहुंचा। इधर, मृतका सरिता रानी के बेटे मनोज ने कहा कि हॉस्पिटल प्रबंधन से लेकर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग इन मौतों का जिम्मेदार है। महामारी को काबू में करने के लिए बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं। इन बातों-दावों का असर धरातल पर क्यों नहीं दिख रहा है?