राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश ने कहा कि कुछ लोग आरटीआई का दुरुपयोग करते हैं, जिससे वास्तविक आवेदकों को सूचना प्राप्त करने में कठिनाई होती है। आयोग इस समस्या पर भी कार्य कर रहा है।
उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां आरटीआई की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। यह जानकारी राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश ने 28 जून को कलेक्ट्रेट सभागार में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान दी।
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बैठक में जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि आवेदन अथवा उसके भाग का हस्तांतरण जितना जल्दी संभव हो, कर देना चाहिए। यह ध्यान रखा जाए कि हस्तांतरण करने में आवेदन की तारीख से पांच दिन से अधिक का समय न लगे।
उन्होंने कहा कि यदि कोई जन सूचना अधिकारी किसी प्राप्ति के पांच दिन बाद उस आवेदन को स्थानांतरित करता है तो उसके निपटारे में पांच दिन से ज्यादा होने वाले विलंब के लिए वह खुद जिम्मेदार होगा। जन सूचना अधिकारी को सूचना की आपूर्ति अनुरोध की प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर कर देनी चाहिए। यदि मांगी गई सूचना व्यक्ति के जीवन से संबंधित हो तो उसे पांच दिन के भीतर उपलब्ध करा दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अब नागरिक घर बैठे कंप्यूटर पर ही आवेदन से लेकर सुनवाई तक की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। उन्होंने जिला स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर दिया। उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि कुछ लोग आरटीआई का दुरुपयोग करते हैं, जिससे वास्तविक आवेदकों को सूचना प्राप्त करने में कठिनाई होती है। आयोग इस समस्या पर भी कार्य कर रहा है।