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भतीजे के पद और चाचा के कद का फैसला आज

Fri, 06 Oct 2017 02:07 AM IST
अभिषेक शर्मा
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जिला पंचायत में निरीक्षण करते डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद और एसएसपी राजेश पांडेय। - फोटो : Amar Ujala
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जुलाई की तपती गरमी में शुरू हई जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू विरोधी तपिश अक्तूबर का गुलाबी मौसम आते-आते भी ठंडी नहीं पड़ी। शरद पूर्णिमा के ऐन अगले दिन यानी आज शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का वक्त आ गया है। नीटू के पद और उनके चाचा जयवीर सिंह के कद की आज परीक्ष्‍ाा है।
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उपेंद्र सिंह नीटू और नरेंद्र सिंह को ढाल बनाकर जिले के दो सियासी कद्दावर खेमे आमने-सामने हैं। उन्होंने अपने मोहरों को आगे कर रखा है। दोनों ने इसे प्रतिष्ठा से जोड़कर अपनी-अपनी साख बचाने के लिए जी तोड़ मेहनत की है। यह मेहनत गुरुवार देर रात तक दिखाई दी। जिले भर की सियासत की निगाह दोनों खेमों के भविष्य को लेकर आने वाले परिणाम पर टिकी है। ऊंट किस करवट बैठेगा, यह शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक साफ हो जाएगा। गुरुवार देर रात तक दोनों खेमों के मुखबिर और अलंबरदार जीत का दावा करते दिखे। 

एक सदस्य ने बढ़ाई दोनों खेमों की मुश्किल
बुधवार को एक सदस्य ने वोट न करने का एलान कर दोनों खेमों में हलचल बढ़ा दी। दोनों ही खेमों के मुखिया उन्हें अपने-अपने हक में मनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए रहे। हालांकि यह सदस्य एक खेमे की खास बताई जाती हैं। उनके खेमे के मुखिया ने गुरुवार देर रात उनके घर पहुंचकर उन्हें मनाया। अब क्या निर्णय रहा, यह शुक्रवार को ही दिखाई देगा।
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50 फीसदी सदस्य नहीं आए, तो एक साल बाद ही आ सकेगा अविश्वास प्रस्ताव
अलीगढ़। यदि जिला पंचायत के नियमों पर गौर फरमाएं तो अविश्वास प्रस्ताव का भविष्य बैठक के दौरान वहां मौजूद सदस्य संख्या पर टिका नजर आता है। अपर मुख्य अधिकारी पंचायत उमेश चंद ने बताया कि बैठक में यदि 50 फीसदी सदस्य नहीं आए, तो नियमानुसार प्रस्ताव का खारिज होना तय है। यदि ऐसा हुआ तो वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू को एक साल तक अपनी कुर्सी से हिलाया नहीं जा सकेगा। अन्यथा की स्थिति में तो वोटिंग ही एकमात्र विकल्प है। दोपहर 12 से तीन बजे तक होने वाली बैठक में सदस्यों को चर्चा के लिए अधिकतम दो घंटे का समय दिया जा सकता है।

सदस्यों के लिए जारी दिशा निर्देश
मतदान करने के लिए जिपं द्वारा जारी परिचय पत्र लाना होगा,  निर्वाचन के समय दिया गया निर्वाचन प्रमाण पत्र लाना होगा,  सरकारी अथारिटी द्वारा जारी आधार कार्ड, फोटोयुक्त पासपोर्ट आदि आईडी का लाना आवश्यक,  पेजर, स्मार्ट वॉच एवं अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक डिवाइस लाने पर प्रतिबंध,  मतदान के समय मोबाइल, धूम्रपान, माचिस, लाइटर, पटाखे एवं अस्त्र-शस्त्र परिसर में प्रतिबंधित,  कोई भी सदस्य अपने साथ समर्थक या समर्थकों से भरे वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में नहीं लाएगा

हाईप्रोफाइल घटनाक्रम पर लखनऊ के दिग्गजों की नजर
आज के हाईप्रोफाइल घटनाक्रम को लेकर पिछले तीन महीने से उठापटक चल रही है। लेकिन हालात इस कदर बन-बिगड़ रहे हैं कि जिले से जुड़े कुछ दिग्गजों ने लखनऊ में डेरा डाल लिया है। वहीं से बैठकर वह गोटियां सेट कर रहे हैं। साथ ही यहां के हालात पर नजर रखे हैं। दोनों खेमों के अलंबरदारों की भागदौड़ गुरुवार को जारी रही। कोई किसी के घर पहुंचता दिखा। कोई किसी को कसम खिलाता दिखा। जो बाहर हैं, उन्हें फोन पर तरह-तरह से समझाया जाता रहा। जो यहां हैं, उन्हें भी फिर से समझाया जाता रहा।
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