सत्यप्रकाश पिछले 10 वर्ष से साधु का चोला धारण किए हुए थे। नशे के आदी होने के कारण परिवार में गृह क्लेश रहता था। सत्य प्रकाश घर से खेतों की तरफ निकले और वापस घर नहीं लौटे।
कोतवाली क्षेत्र के गांव खेड़ा सत्तू में 12 जून सुबह गांव के ही एक साधु वेशधारी ग्रामीण का शव चकरोड पर एक पेड़ पर लटका मिला। खुदकुशी का कारण गृह क्लेश माना जा रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों मुताबिक गांव के सत्यप्रकाश (55) की पत्नी का दो दशक पूर्व देहांत हो चुका है। वह पिछले 10 वर्ष साधु का चोला धारण कर रहे रहे थे, उनके नशे के आदी होने के कारण परिवार में गृह क्लेश रहता था। 11 जून की रात सत्य प्रकाश घर से खेतों की तरफ निकले और वापस घर नहीं लौटे। 12 जून सुबह छह बजे करीब ग्रामीणों ने घर से खेत की तरफ वाले चक मार्ग पर एक पेड़ से सत्य प्रकाश के शव को लटका हुआ देखा।
ग्रामीणों ने सूचना उनके पुत्र पवन को दी । परिजनों के सहयोग से शव को उतारकर बिना किसी कानूनी कार्यवाही के शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने अपने पीछे एक विवाहित बेटा पवन और विवाहित पुत्री को छोड़ा है।