कुख्यात शूटर मुनीर की गिरफ्तारी से हाई प्रोफाइल आलमगीर हत्याकांड के रहस्यों पर से पर्दा उठने की उम्मीद है। मुनीर की गिरफ्तारी की सूचना के बाद एएमयू छात्र रहे आलमगीर के 70 वर्षीय वालिद शमीम अहमद सक्रिय हो गए है। उन्होंने अलीगढ़ एसएसपी लव कुमार से फोन पर बात की। एसएसपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे मुनीर को रिमांड पर लेंगे। आलमगीर का जो भी हत्यारा होगा, जेल जाएगा।
18 सितंबर 2015 को एएमयू कैंपस स्थित कंप्यूटर सेंटर के सामने बीएसडब्लू छात्र आलमगीर को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। उपचार के दौरान उनकी जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। आलमगीर सहारनपुर के रहने वाले थे। इस मामले में कुख्यात मुनीर का नाम सामने आया था। सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर करीब महीने तक एएमयू में जमकर हंगामा एवं धरना-प्रदर्शन हुआ था।
छात्रों ने वीसी लॉज के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। इस धरने में आलमगीर के वालिद एवं परिजन शामिल हुए थे। एएमयू प्रशासन पर भी तमाम तरह के आरोप लगे थे। एएमयू कुलपति ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री एवं केंद्र सरकार से की थी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब जब मुनीर की गिरफ्तारी हुई है तो एक बार फिर से परिजनों की उम्मीद जग गई है कि उनके जवान बेटे को निर्ममता से मारने वाले का नाम सामने आएगा।
आलमगीर के वालिद शमीम अहमद ने बताया कि उनकी एसएसपी अलीगढ़ से बात हुई है। मेरी इच्छा है कि बेटे के हत्यारे का खुलासा हो और उसे सजा मिले। आज आलम यह है कि आलमगीर के नजदीकी छात्र एवं शिक्षक भय से उनका फोन तक नहीं उठाते। एएमयू प्रशासन एवं राज्य सरकार से अभी तक कोई मदद भी नहीं मिली है।