मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि रेहड़ी-पटरी दुकानदारों (स्ट्रीट वेंडर्स) का उद्धार शिक्षा के बिना अधूरा है। समाज में सम्मान प्राप्त करने के लिए प्रत्येक दुकानदार के परिवार के बच्चों को शिक्षित करना बेहद जरूरी है। डीएस कॉलेज ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं दुकानदारों के बीच वर्चुअल संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम के बाद मंडलायुक्त ने नगर निगम से दुकानदारों को लाभ पहुंचाने के काम में तेजी लाने का आह्वान किया। पथ विक्रेताओं को शहरी आजीविका केंद्र से जोड़ने, उनके घरों के आसपास स्कूल खोलने, वेडिंग जोन में व्यवस्थित करने के साथ-साथ जनहित की योजनाओं का लाभ दिलाने की आवश्यकता जताई। मंडलायुक्त ने कहा कि रेहड़ी-पटरी दुकानदारों का भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जनपद में इसकी संख्या कितनी है, इसका सटीक आंकड़ा किसी के पास नहीं है।
नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि अधिक से अधिक पथ विक्रेताओं को योजना का लाभ दिलाने में नगर निगम प्रशासन जुटा है। ऋण को समय पर अदा करने वाले दुकानदारों को 7 फीसदी का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर उनके बैंक खाते में सरकार की ओर से ट्रांसफर किया जाएगा। योजना में सहयोग के लिए नगर आयुक्त ने बैंककर्मियों को बधाई दी। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय, उपमहापौर पुष्पेंद्र जादौन, पार्षद वीरेंद्र सिंह, पार्षद रश्मि, प्रगति चौहान, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिव कुमार आदि मौजूद थे।
रेहड़ी पटरी दुकानदारों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जनधन खाता खोले जाने के वक्त लोगों ने मजाक उड़ाया था। आपदा के वक्त वही काम आया।
उन्होंने कहा कि पहले रेहड़ी-पटरी दुकानदार बैंक में जाने की सोचते भी नहीं थे। आज बैंक खुद चलकर उनके पास आया है। आपके चेहरे पर खुशी देखकर मुझे संतोष हो रहा है। प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना की चर्चा करते हुए कहा कि गरीबों की योजना इतनी जल्दी जमीन पर उतरेगी, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। इस योजना को तकनीक से जोड़ा गया है। ऋण के लिए कोई कागज, गारंटर और दलाल की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी दुकानदारों का अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश में पलायन रोकने में इनकी भूमिका है। हमारे देश का गरीब ईमानदारी एवं आत्मसम्मान से समझौता नहीं करता है। उन्होंने लोगों से कोरोना से बचाव के लिए दो गज की दूरी एवं मास्क पहनने का आह्वान किया।