प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से 10 हजार रुपये का ऋण लेकर दुबे का पड़ाव निवासी पिंकी प्रतिदिन 200 से 250 रुपये कमा रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक तंगी दूर होने के साथ-साथ लॉकडाउन के बाद ठहरी हुई घर गृहस्थी की गाड़ी भी चल पड़ी है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीवाने हो गए हैं। उनका कहना है कि कोई तो है, जो हमारे भविष्य की चिंता कर रहा है। ऐसे ही भाव प्रधानमंत्री के वर्चुअल संवाद में शामिल अधिकतर रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के मन में थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के रेहड़ी-पटरी दुकानदारों से वर्चुअल संवाद किया। नगर निगम द्वारा कार्यक्रम का आयोजन डीएस कॉलेज ऑडिटोरियम में किया गया था। अलीगढ़ के दुकानदारों को प्रधानमंत्री से सीधा संवाद का मौका नहीं मिला। लेकिन अन्य शहरों के दुकानदारों से प्रधानमंत्री का संवाद देख-सुन कर बेहद उत्साहित नजर आए। शहर के करीब 150 दुकानदारों ने समय पर ऋण चुकाने एवं भविष्य में बैंक से फायदा उठाने का संकल्प लिया। उल्लेखनीय है कि नगर निगम द्वारा 13500 रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को ऋण दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 13359 दुकानदारों के ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। 6832 दुकानदारों के ऋण स्वीकृत हो चुके हैं। 4851 दुकानदारों को ऋण मिल चुका है।
ऋण मिलते ही दौड़ने लगी जीवन की गाड़ी : पिंकी
पिंकी ने बताया कि लॉकडाउन के बाद परिवार की स्थिति बेहद खराब हो गई थी। रोडवेज अड्डा पर पेठा का काम आगे बढ़ाने के लिए पैसे नहीं थे। कभी किसी बैंक से ऋण नहीं लिया था। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी हुई तो नगर निगम में आवेदन किया। कुछ ही दिन में बैंक से फोन आ गया कि आकर पैसा ले जाएं। दो बार में 10 हजार रुपये मिले। पेठा बनाने का सामान खरीद कर लाया और जीवन की गाड़ी चल पड़ी।
पीएम ने जो अवसर दिया है, उसका फायदा उठाएंगे : कुशलपाल
पला साहिबाबाद में गोलगप्पे और टिक्की का काम करने वाले कुशलपाल ने भी इस योजना के तहत 10 हजार रुपये का ऋण लिया है। वह कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने जो अवसर उपलब्ध कराया है, उसका पूरा फायदा उठाने का प्रयास करेंगे। समय पर बैंक का ऋण चुकता कर व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए बैंक से फिर ऋण लेंगे। कुछ अन्य लाभार्थियों का कहना है कि बैंक वाले गरीबों को कहां ऋण देते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री की नीतियों के कारण पहली बार उन्हें बेहद आसान तरीके से ऋण मिल रहा है।
राजकुमार की आंखों से झलक पड़े आंसू
सराय दीनदयाल के राजकुमार का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका ऋण अभी स्वीकृत नहीं हुआ है। बैंक और नगर निगम के बीच दौड़ लगा रहे हैं।
वर्चुअल संवाद के दौरान राजकुमार भी डीएस कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा वाले उन्हें टहला रहे हैं। राजकुमार पला होली चौक पर चाट का ढकेल लगाते हैं। वर्तमान में आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। दो बेटियां हैं। आर्थिक तंगी के कारण मजदूरी करने जाना पड़ रहा है। मान सिंह नगला पुलिया के राजेंद्र सिंह का भी ऐसा ही हाल है। वह भी ढकेल लगाते हैं। ग्रामीण बैंक के मैनेजर उन्हें टहला रहे हैं। राजकुमार एवं राजेंद्र सिंह जैसे बहुत लोग हैं, जिन्हें योजना के तहत ऋण नहीं मिल पाया है।