अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मी एवं कर्मचारियों ने बुधवार को डीपीआरओ की जमकर फुक्क फजीहत की। उनकी गाड़ी की हवा निकाल दी तो उन्हें अपने कार्यालय में नहीं बैठने दिया और तो और दो घंटे तक घेराव किया।
अफसर ने डीडीओ कार्यालय में बैठकर किसी तरह काम चलाया। आक्रोशित कर्मचारियों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। बाद में 15 दिन में समस्याओं के निस्तारण के आश्वासन पर कर्मचारी माने और अपने धरने को भी एक पखवाड़े के लिये स्थगित कर दिया। चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में समस्याएं नहीं सुलझी तो आंदोलन किया जाएगा।
निलंबित एडीओ की बहाली, डेली वर्क रजिस्टर समाप्त करने एवं 74 निलंबित सफाई कर्मियों को बहाल करने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर जिला पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों का आक्रोश बुधवार को सतह पर आ गया। ग्राम विकास अधिकारी संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद् के बैनरतले विकास भवन में धरना शुरू कर दिया।
इस बीच आए जिला पंचायत राज अधिकारी परवेज आलम को घेर लिया गया। उनकी गाड़ी की हवा निकाल दी गई तो उन्हें कार्यालय में भी नहीं बैठने दिया गया। अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी कार्यालय में बैठकर किसी तरह जान बचाई। बाद में जिला विकास अधिकारी ने मध्यस्थता करते हुए कर्मचारी एवं डीपीआरओ की वार्ता कराई। धरने के दौरान परिषद् के संरक्षक उदयराज सिंह, अध्यक्ष डा.नरेश कुमार, विक्रम सिंह, संजीव, सुरेश हितैषी, मुकेश मल्होत्रा, जितेंद्र जिद्दी, उदयवीर सिंह, हृदेश भारद्वाज, योगेंद्र सिंह, विलकिस बेगम, अनीसा बेगम, गीता देवी, रानीदेवी, प्रकाश चंद्र, अजीत, राजेश पथिक आदि उपस्थित थे।