पीसी बागला डिग्री कॉलेज के बहुचर्चित छात्राओं के यौन शोषण के मामले में शुक्रवार को न्यायालय में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) लिखने वाले लेखक के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह ने घटनाक्रम और तहरीर से जुड़े तथ्यों के बारे में कोर्ट को बताया। अब तक इस मामले में छह लोगों की गवाही हो चुकी है। मुकदमे में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम में मुकदमे का ट्रायल चल रहा है। सुनवाई तेजी से हो रही है। बता दें कि पीसी बागला महाविद्यालय में भूगोल के विभागाध्यक्ष और मुख्य अनुशासन अधिकारी डाॅ. रजनीश पर छात्राओं को धमकाकर यौन शोषण करने का आरोप लगा था। डाॅ. रजनीश की एक पीड़ित छात्रा ने महिला आयोग में शिकायत की थी, जिसकी जांच को 18 महीने तक दबाए रखा गया।
बाद में मामला सुर्खियों में आने पर पुलिस हरकत में आई तथा अपनी ओर से रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस की छानबीन में सामने आया था कि प्रोफेसर 20 वर्षों से इस तरह का काम कर रहा था तथा कई छात्राओं को अपना निशाना बना चुका था। खुद ही गलत काम के वीडियो व फोटो भी बनाए थे, जिन्हें पोर्न साइट पर डालने की भी बात सामने आई थी।
21 मार्च को पुलिस ने चीफ प्रोक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से वह जेल में है। प्रकरण में अब वादी के अलावा तीन पीड़ित छात्राओं व चिकित्सक के बयान हो चुके हैं। शुक्रवार को छठवें गवाह के रूप में एफआईआर लेखक के बयान हुए हैं।