छर्रा के नगला नत्थू में कुत्ते के काटने से तीन वर्षीय अंशु पुत्र भोजराज की मौत से पूरा परिवार सदमे में हैं। कुत्ते के काटने के बाद अंशु की 11 अप्रैल को मौत हो गई थी। पिता भोजराज ने कहा है कि उन्होंने बेटे को रेबीज का इंजेक्शन लगवाने में लापरवाही बरती, जिससे उनका बेटा आज उनके साथ नहीं है। दूसरे लोग इसका ध्यान रखें। समय से ही इंजेक्शन लगवा दें।
कुत्तों को भगाने के लिए हाथ में ईंट लेकर चलते हैं लोग
मलखान सिंह जिला अस्पताल की ओपीडी में कक्ष संख्या-7 में प्रतिदिन एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। अस्पताल परिसर में ही कुत्तों का आतंक देखा जा सकता है। यहां पर कुत्तों से बचने के लिए लोग हाथ में ईंट लेकर बचते हुए निकलते देखे जा सकते हैं। कक्षा संख्या-7 के प्रभारी डॉ. बंगाली सिंह कहते हैं कि कुत्तों के शरीर में पसीने की ग्रंथियां नहीं होती हैं। जिसके चलते उनका पसीना त्वचा से बाहर नहीं आ पाता है। इसी के चलते गर्मियों में कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं।
नगर निगम ने कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया है। इस निजी कंपनी ने जीवनगढ़ में एक केंद्र संचालित किया है। यहां पर कुत्तों को पकड़ कर लाया जाता है और उनका बांध्यकरण किया जाता है। पांच दिन तक कुत्तों को निगरानी में रखने के बाद उनको उसी स्थान पर छोड़ा जाता है जहां से लाया गया था।
बच्चे की मौत के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
थाना छर्रा क्षेत्र के गांव नगला नत्थू में कुत्ते के काटने से 11 अप्रैल की शाम हुई एक बच्चे की मौत के बाद 12 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। मृतक बच्चे के परिजनों से पूरी घटना की जानकारी ली। साथ ही टीम ने कुत्ते के काटने से घायल हुए अन्य लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर रैबीज की वैक्सीन लगवाने को कहा। गांव वालों के लिए रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रैबीज के इंजेक्शन लगाने के लिए काउंटर खोला जाएगा। इस केंद्र पर रोजाना औसतन 80-100 लोग रैबीज का इंजेक्शन लगवा रहे हैं।
गौर हो कि लगभग डेढ़ माह पूर्व गांव के एक कुत्ते ने 12 बच्चों को काट लिया था। 11 अप्रैल को तीन वर्षीय अंशु पुत्र भोजराज की मौत हो गई। बच्चे की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी के आदेश पर एमओ डॉ.आशीष कुमार,मलेरिया इंस्पेक्टर राजेश पाठक, हेल्थ सुपरवाइजर भूपेंद्र कुमार की टीम ने 12 अप्रैल की दोपहर लगभग एक बजे गांव पहुंचकर मृतक बच्चे के परिजनों से जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि बच्चे को कुत्ते के काटने के लगभग 20 दिन बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छर्रा पर रैबीज की वैक्सीन लगवा दी थी। इसके बाद खेतों में काम के चलते वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना भूल गए। बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद बच्चे की 11 अप्रैल को मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में घायलों के घर पर पहुंचकर हाल जानने के साथ उन्हें अस्पताल जाकर वैक्सीन लगवाने को कहा है।