इधर, भीड़ बढ़ते देख थाने पर सीओ राजीव द्विवेदी के अलावा आसपास के आधा दर्जन थाना प्रभारी व पीएसी भी बुला ली गई। एसपी यातायात प्रवीन कुमार ने परिवार व सेना के अधिकारियों से बातचीत का मोर्चा संभाला। मगर चार बजे तक कोई बात नहीं बनी। जबरदस्त प्रदर्शन व नारेबाजी से कई बार टकराव के हालात बने। नोकझोंक भी हुई। 4 बजे करीब एसएसपी संजीव सुमन वहां पहुंचे। उन्होंने परिवार व पुलिस अधिकारियों को वे वीडियो साक्ष्य दिखाए, जिनमें मारपीट होती दिख रही थी। इस पूरे वीडियो में दोनों भाई मारपीट करते पाए गए, जबकि सिर्फ एक कोई सिपाही जरूर एक भाई को लात से मारता दिखा। इस पर सेना के अधिकारी पुलिस कार्रवाई से सहमत हो गए।
बाद में परिवार ने दोनों भाइयों से मिलने का प्रस्ताव रखा। इस पर एसएसपी ने उन्हें मुलाकात के लिए पुलिस लाइन भेजा। साथ में सेना के अधिकारियों के हस्तक्षेप पर तय हुआ कि पुलिस के साथ-साथ दोनों भाइयों संग भी मारपीट का मुकदमा इनकी ओर से लिखा जाए। दोनों ओर से इस बात पर सहमति बन गई। तब करीब साढ़े चार बजे भीड़ वहां से हटी। इधर, शाम को पुलिस ने दोनों भाइयों को पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे के आधार पर रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्रकरण में सैन्य कर्मी भाइयों ने पुलिस पर हाथ छोड़ा था। इस पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके खिलाफ परिजन, समर्थक एकत्रित हुए थे। सेना के अधिकारियों व परिवार को इसके साक्ष्य दिखाए गए। वे बात मान गए। किसी पुलिसकर्मी ने एक भाई को लात मारी है। इसका भी वीडियो मिला है। इसलिए दोनों ओर से मुकदमा दर्ज करना तय हुआ है। आरोपी भाइयों को जेल भेज दिया गया है। बाकी निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्रवाई होगी। किसी के साथ पक्षपात नहीं होगा।-संजीव सुमन, एसएसपी