सूरज के तीखे तेवरों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त करना शुरू कर दिया है। जिले में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए बृहस्पतिवार को 40 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा छू लिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। तेज धूप में लोग सिर ढंककर ही सड़कों पर निकल पा रहे हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विभाग के भूगोल विभाग के प्रो. अहमद मुजतबा के मुताबिक आने वाले दिनों में लू और भीषण गर्मी के आसार हैं।
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर के रेलवे रोड, रामघाट रोड, सासनीगेट, हाथरस अड्डा, शमशाद मार्केट, नौरंगाबाद, अचल तालाब ऊपरकोट, गूलर रोड आदि क्षेत्रों में लोग सिर ढंककर सड़कों पर दिखाई दिए। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के दौरान गर्मी से परेशान बच्चे पानी पीते हुए घर पहुंचे। इसी तरह रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर भी यात्री गर्मी से परेशान रहे।
उधर, बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्मी से संबंधित बीमारियों, जैसे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इमरजेंसी वार्ड में कूलिंग की व्यवस्था बढ़ाई गई है। इसके अलावा ओआरएस और जरूरी दवाइयों का स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बेवजह बाहर निकलने से बचें।
आने वाले दिनों में तापमान (स्रोत आईएमडी)-
दिन - अधिकतम- न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस)
17 अप्रैल-4022
18 अप्रैल-40-22
19 अप्रैल40-23
20 अप्रैल-41-23
21 अप्रैल-42-24
22 अप्रैल42-24
बाजारों में हुई पेयजल की व्यवस्था
भीषण गर्मी का सीधा असर स्थानीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। ग्राहकों की सुविधा के लिए बाजारों में पेयजल और ठंडे पानी की व्यवस्था की जा रही है। दोपहर की तपिश से बचने के लिए लोग सुबह और शाम के वक्त खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे धूप में निकलते समय सिर ढंक कर रखें और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें ताकि लू की चपेट में आने से बचा जा सके।
मेडिकल कॉलेज में डेडिकेटेड हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार
जेएन मेडिकल कॉलेज में विशेष हीट एक्शन प्लान लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य हीट स्ट्रोक (लू लगना) के मरीजों को तत्काल उपचार देकर मृत्यु दर को कम करना होता है। इसके साथ ही डेडिकेटेड हीट स्ट्रोक वार्ड की स्थापना की गई है। इस वार्ड में वार्डों में हाई-कैपेसिटी एयर कंडीशनर लगाए गए हैं ताकि कमरे का तापमान कम बना रहे। इमरजेंसी से निपटने के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. अंजुम परवेज ने बताया कि डिहाइड्रेशन से निपटने के लिए सामान्य से अधिक मात्रा में आईवी फ्लुइड्स और ओआरएस के पैकेट रखे गए हैं। हीट स्ट्रोक के मरीज के शरीर को तुरंत ठंडा करने के लिए बड़ी मात्रा में बर्फ और आइस पैक्स की व्यवस्था फ्रीजर में की गई है। तीमारदारों के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। परिसर के हर कोने और प्रतीक्षालय में ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की है।