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Aligarh News: पलायन की चेतावनी के बाद दादों पहुंचे तहसीलदार, कराई पैमाइश

Thu, 09 Jan 2025 02:45 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

वैश्य समाज के हितेश महेश्वरी का आरोप है कि गांव दरी अलावलपुर के ग्राम प्रधान राजकुमार यादव ने कस्बा निवासी जवाहर लाल से गलत तरीके से हमारी धर्मशाला की जगह का बैनामा कर लिया है।
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धर्मशाला की जमीन की पैमाइश के दौरान मौजूद अधिकारी व क्षेत्रीय लोग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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धर्मशाला पर कब्जे की कोशिश के विरोध में वैश्य समाज के लोगों की पलायन की चेतावनी के बाद 8 जनवरी को तहसीलदार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और धर्मशाला व उसके आसपास की जमीन की पैमाइश कराई। खाली पड़ी जमीन पर रखी ईंटे हटवाईं। वैश्य समाज के लोगों ने धर्मशाला की जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया और वहां हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित कर दी।

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वैश्य समाज के हितेश महेश्वरी का आरोप है कि गांव दरी अलावलपुर के ग्राम प्रधान राजकुमार यादव ने कस्बा निवासी जवाहर लाल से गलत तरीके से हमारी धर्मशाला की जगह का बैनामा कर लिया है। संजीव महेश्वरी ने बताया कि विरोध करने पर 7 जनवरी रात को समाज के लोगों की धमकी दी गई कि उन्हें कस्बे में नहीं रहने दिया जाएगा। इसके बाद वैश्य समाज के लोगों ने मकानों पर बिकाऊ हैं के पोस्टर लगा दिए थे और कस्बे से पलायन की चेतावनी दी थी।

7 जनवरी रात में ही थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और वैश्य समाज के लोगों से बातचीत की। 8 जनवरी को राजस्व विभाग की टीम के साथ तहसीलदार अतरौली रामगोपाल और नायब तहसीलदार मयंक गोयल, लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता गुरचरण सिंह मौके पर पहुंचे। जमीन की पैमाइश की। जमीन पर कब्जा कर रहे जवाहरलाल को कब्जा और वहां रखी ईंटे हटाने के लिए कहा। विरोध करने पर उन्हें हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।
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थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि जवाहरलाल को पूछताछ के लिए थाने लेकर आए थे, बाद में उसे छोड़ दिया गया है। जमीन से संबंधित कोई कागजात वह दिखा नहीं पाया है। ग्राम प्रधान दरी अलावलपुर राजकुमार यादव ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार बैनामा कराया है। दबंगई के सभी आरोप निराधार हैं

धर्मशाला के पास कुछ खाली जमीन पड़ी है। इसमें एक पक्ष ने बैनामा किया है। 1999 से वाद न्यायालय में भी चल रहा है। दोनों पक्षों को न्यायालय के निर्णय का इंतजार करने और उसका पालन करने और तब तक कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया है।-रामगोपाल, तहसीलदार अतरौली

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