टप्पल क्षेत्र में यमुना खादर के एक गांव की अनुसूचित जाति की आठ वर्षीय छात्रा को गला दबाकर मारा गया था। इस बात की पुष्टि पोस्टमार्टम में शामिल डॉक्टरों के पैनल ने कर दी है। इस मामले में अज्ञात आरोपी पर छात्रा के दादा की ओर से हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि, छात्रा का शव रात में ही पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंच गया था। परिवार रात को अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुआ। सुबह पुलिस के सामने अंतिम संस्कार से पहले खुलासे का मुद्दा उछला तो पुलिस ने परिवार को समझाकर और जल्द खुलासे का भरोसा देकर अंतिम संस्कार कराया। इधर, गांव में नेताओं की आवाजाही शुरू हो गई है। दोपहर में डीएम-एसएसपी ने भी गांव जाकर परिवार से मुलाकात कर घटना के जल्द खुलासे और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
गैर प्रांत में निजी कंपनी में नौकरी करने वाले युवक के तीन बच्चों में सबसे बड़ी बेटी का शव गांव से करीब 600 मीटर दूरी पर धान के पानी से भरे खेत में औंधा पड़ा मिला था। बच्ची स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। उसी समय परिवार की ओर से हत्या के साथ साथ दुष्कर्म का अंदेशा जताया गया था। रात करीब 12 बजे चार डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद दो बजे शव गांव पहुंचा। परिवार के सामने पुलिस ने शव के अंतिम संस्कार का प्रस्ताव रखा तो परिवार व ग्रामीणों ने दिन निकलने पर अंतिम संस्कार की बात कही। सुबह जब अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू तो परिवार ने घटना के खुलासे का मुद्दा उठाया। इस पर मौजूद एसपी देहात शुभम पटेल, सीओ खैर सहित कई थानों के फोर्स ने परिवार व ग्रामीणों को समझाते हुए भरोसा दिलाया कि अगर आप लोग सहयोग करेंगे तो जल्द खुलासा होगा। तब जाकर सुबह अंतिम संस्कार हुआ।
इधर, इस मामले में छात्रा के दादा की ओर से अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें उल्लेख है कि बच्ची घर से स्कूल गई थी। फिर उसकी लाश गांव के ही व्यक्ति के धान के खेत में मिली है। उसकी हत्या कर शव फेंका गया है। दोपहर में डीएम सेल्वा कुमारी जे, एसएसपी कलानिधि नैथानी गांव जाकर परिवार से मिले। इस दौरान परिवार से तमाम बातों के दौरान जल्द खुलासे व हर संभव मदद की बात कही। इलाके के विधायक अनूप प्रधान ने भी परिवार को विश्वास में लेकर जल्द खुलासे और शासन स्तर से मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। अन्य तमाम दलों के नेताओं की भी दिन भर आवाजाही रही। परिवार की ओर से जल्द खुलासा न होने पर आंदोलनात्मक कदम उठाए जाने की सुगबुगाहट भी सामने आ रही है।
- टप्पल में हुई घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है। खुलासे के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। जल्द खुलासा किया जाएगा। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की बात स्पष्ट सामने आई है। बाकी तथ्यों पर फोरेंसिक एक्सपर्ट से जांच कराई जा रही है। तभी कुछ कहा जा सकेगा-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
स्लाइड में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, पर ली जाएगी फोरेंसिक एक्सपर्ट की राय
पोस्टमार्टम रिपोर्ट व पुलिस सूत्रों की मानें तो बच्ची की हत्या गला दबाकर की गई है। यह तो साफ है। उसके साथ दुष्कर्म के लिए किसी तरह की जोर जबरदस्ती और प्रयास किया गया होगा। इस आशंका से स्पष्ट तौर पर न तो इंकार किया गया है और न स्पष्ट पुष्टि की गई है। पैनल ने माना है कि किसी तरह से दबाव पड़ा है। अब वो दबाव गला दबाने के दौरान हुई किसी हरकत से हो सकता है या गलत मंशा से जानबूझकर भी हो सकता है। इसी वजह से बच्ची के गुप्तांग से रक्त निकलना पाया गया है। डॉक्टरों के पैनल की दुष्कर्म को लेकर स्पष्ट राय न होने के कारण स्लाइड जांच के लिए भेजी गई। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वास्थ्य अधिकारियों से वार्ता कर दीनदयाल अस्पताल में एक्सपर्ट पैनल से उस स्लाइड की जांच कराई। मगर उसमें भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई और न उस स्लाइड पर किसी तरह का अन्य साक्ष्य भी नहीं मिला। फिर भी अंतिम मुहर के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, स्लाइड रिपोर्ट व मौके से जुटाए गए फोरेंसिक साक्ष्यों की रिपोर्ट को किसी उच्च स्तरीय प्रयोगशाला में फोरेंसिक एक्सपर्ट की राय के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए एक प्रश्नोत्तरी बनाकर एक्सपर्ट के समक्ष भेजी जाएगी। उसके बाद ही दुष्कर्म के मसले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जिसकी बेटी संग हरकत में जेल गया चाचा, उसी के खेत में मिली लाश
पुलिस स्तर से इस घटना को लेकर विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास की एक घंटे पहले और बाद की सर्विलांस डिटेल निकाली जा रही है। किन लोगों की वहां आवाजाही हुई। यह देखा जा रहा है। सबसे खास तथ्य यह भी है कि जिस खेत में बच्ची का शव मिला है। उस खेत स्वामी की बेटी संग दुष्कर्म की कोशिश में मृत छात्रा का चाचा जेल गया था और दो माह पहले ही जेल से छूटा है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान जब खेत स्वामी पर सबसे पहला संदेह गया तो पुलिस ने रात में खेत स्वामी को पूछताछ की। इस दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि खेत स्वामी की 16 वर्षीय बेटी संग 2019 में छेड़खानी हुई थी, जिसका मुकदमा मृत छात्रा के चाचा पर दर्ज कराया गया। न्यायालय में हुए बयानों के आधार पर इस मुकदमे को दुष्कर्म की कोशिश का माना गया और आरोपी को जेल भेजा गया, जिस समय वह जेल गया था। वह नौकरी की तैयारी कर रहा था। दो माह पहले वह जेल से छूटकर गया है। हो सकता है कि इसी तरह की किसी रंजिश में यह घटना हुई हो। कुल मिलाकर यह सब जांच में साफ होगा। इंस्पेक्टर टप्पल कहते हैं कि सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है। जांच के आधार पर ही कोई निर्णय लिया जाएगा।