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दिल को संभाल कर रखिए...जिंदगी के लिए

Tue, 29 Sep 2015 01:26 AM IST
अलीगढ़।
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वर्ल्ड हार्ट डे 29 सितंबर पर विशेष : जेएन मेडिकल कालेज में अब एंजियोप्लास्टी और एंजियोथैरेपी जल्द
हेडिंग  
दिल को संभाल कर रखिए...जिंदगी के लिए
कुछ खास  
अलीगढ़ शहर में 12 फीसदी तो देहात में 6 फीसदी को हृदय रोग के शिकार  
35 वर्षीय आयु के पुरुष हृदय रोग के सबसे ज्यादा शिकार, धूम्रपान बड़ा कारण
भारत में 4.60 करोड़ हृदय रोगी, 30 फीसदी की हर साल हो जाती है मौत
भारत में हृदय रोग से मरने वाले 50 फीसदी लोगों की आयु 70 साल से कम
अमर उजाला ब्यूरो  
अलीगढ़। जेएन मेडिकल कॉलेज में नवंबर महीने से हृदयरोगियों को एंजियोथैरेपी और एंजियोप्लास्टी की अत्याधुनिक सेवाएं मिलने लगेंगी। एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह के नेतृत्व में इसकी मशीनरी को खरीदने का काम शुरू हो गया है। मेडिकल कॉलेज का कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट जल्द ही इस अत्याधुनिक सेवा से लैस हो जाएगा। इसके बाद अलीगढ़ और आसपास के मरीजों को बहुत कम खर्च पर हृदय की कोरोनरी धमनियों में होने वाली रुकावट का स्थायी इलाज कराने की बहुत बड़ी सुविधा मिल जाएगी। विश्व हृदय दिवस 2015 के मौके पर मेडिकल कॉलेज की कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. प्रो. एमयू रब्बानी ने बताया कि मेडिकल कालेज में कोर्डियोलाजिस्ट डॉक्टरों की टीम मरीजों को बहुत कम खर्च में आधुनिक इलाज की सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन चिंताजनक बात ये है कि 35 वर्षीय उम्र तक के युवाओं में ये बीमारी तेजी से बढ़ रही है। 35 वर्ष की आयु तक पुरुषों में ये बीमारी ज्यादा हो रही है जबकि 45 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं और पुरुषों में ये बीमारी एक सामान रूप से बढ़ रही है।  

हृदय रोग
1-जन्मजात हृदय रोग जैसे दिल में छेद।
2-रयूमैटिक हृदय रोग-पांच से 15 वर्ष की आयु में होता है।
3-हाई ब्लडप्रेशर-असामान्य दिनचर्या की वजह से।
4-हार्ट अटैक- रक्त प्रवाह बाधित होने पर होता है।
5-स्ट्रैप्टोकोकल नामक गले का इंफेक्शन हृदय रोग का कारण होता है।
लक्षण
छाती में दर्द होना
दर्द के साथ अत्यधिक पसीना आना
असामान्य रूप से सांस फूलना

1- एंजियोथैरेपी में हृदय में रक्तसंचार करने वाली नसों में रक्त प्रवाह चेक होता है। एक छोटा सा छेद कर कैमरा युक्त तार डाल कर यह देखा जाता है कि किस नस में खून का संचार कहां रुक रहा है।
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2- एंजियोप्लास्टी में हृदय की नसों में खून का प्रवाह रोकने वाली नस में बैलून के सहारे एक स्प्रिंग डाल कर उसे खोल दिया जाता है। जिससे हृदय में खून का दौरान दुरुस्त कर दिया जाता है।

मेडिकल कालेज की वर्तमान सुविधाएं
1-ईसीजी-  ईकोकार्डियोग्राम- हृदयगति और संपूर्ण शरीर में रक्तसंचार नापना।
2-इको-     हृदय का रंगीन अल्ट्रासाउंड
3-टीएमटी- एक्सरसाइज या पैदल चलने और दौड़ने के दौरान हृदयगति नापना।
4-होल्डर-  24 घंटे तक हृदयगति की मानीटरिंग करना।
5-पेसमेकर- हृदयगति को सामान्य रखने की अत्याधुनिक सपोर्टिंग डिवाइस लगाना।

1-वर्ष 2015 विश्व हृदय दिवस की थीम ‘हेल्दी हार्ट एनवायरमेंट’ है, जिसमें हृदय रोगों की रोकथाम के लिए चार प्रमुख जागरूकता कार्यक्रम होंगे। इसमें धूम्रपान पर प्रतिबंध, वसा रहित खानपान, शारीरिक परिश्रम, अल्कोहल छोड़ना शामिल है।  
2-वर्ष 2000 से वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जा रहा है। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन का मुख्यालय जिनेवा स्विटजरलैंड में है। वर्ल्ड हार्ट फेडेरेशन के साथ वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन की ओर से हृदयरोगाें से बचने के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।  
3-80 फीसदी हृदय रोग प्रीमैच्योर होते हैं जो 35 वर्ष से कम आयु के युवाओं को होते हैं। भारत सहित 32 देशों के 15 हजार मरीजों पर इंटर हार्ट स्टडी के तहत हुए शोध के बाद ये परिणाम आए हैं।
4-इन युवाओं में बीमारी के रिस्क फैक्टर एक या एक से अधिक होते हैं। जिसमें अल्कोहल, डायबिटीज, बीपी, कोलोस्ट्रोल, अनुवांशिकी लक्षण, व्यायाम न करने व पौष्टिक खाना न खाना हो सकता है।
5-जेएन मेडिकल कालेज में ओपीडी में 250 मरीज आ रहे हैं। एक साल में तकरीबन 12 हजार हृदयरोगी इलाज कराने हैं। पश्चिमी देशों के मुकाबले में भारत में दस साल पहले ही युवा हृदयरोगी हो जाते हैं।
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6-अत्याधिक एस्ट्रायड का सेवन, डाक्टर के परीक्षण और सलाह के बिना अत्यधिक एक्सरसाइज हृदय को नुकसान पहुंचा सकती है। पश्चिमी देशों में जिम जाने से पहले डाक्टर का स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी होता है।
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