जिले में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण से जिला प्रशासन परेशान है। जिले में हुई अब तक की जांचों पर गौर किया जाए तो 100 में से हर 27वां व्यक्ति कोरोना से संक्रमित मिल रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच का दायरा बढ़कर अब 300 कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट देने के लिए जेएन मेडिकल कालेज प्रशासन को दो दिन का समय दिया जा रहा है। हालांकि, कासगंज का भी भार मेडिकल कालेज पर ही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि 22 जून की रात 12 बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से 12711 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 12179 की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें 404 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें से 24 की मौत हो चुकी है। 23286 लोग अभी होम क्वारंटीन हैं। जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोक रहा है। इसके लिए अब ढकेल वालों के भी सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि लोगों द्वारा मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। ऐसे लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी कार्यालयों में रैंडम सैंपलिंग शुरू
जिलाधिकारी ने बताया कि विकास भवन और नगर निगम में संक्रमित मिलने के बाद से सरकारी कार्यालयों में रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है। विकास भवन और नगर निगम में प्रक्रिया पूरी हो गई है। मंगलवार को रोडवेज के गांधी पार्क बस अड्डे पर सैंपलिंग कराई गई। कलक्ट्रेट में सैंपलिंग आज यानी बुधवार को होगी।
प्रदेश ने अपनाया अलीगढ़ का डेडिकेटेड टीम का मॉडल : डीएम
अलीगढ़। जिला प्रशासन के डेडिकेटेड मेडिकल टीम द्वारा घर-घर सर्वे और लक्षण वाले व्यक्तियों की सैंपलिंग के मॉडल को प्रदेश सरकार ने अपनाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलों में अब इस मॉडल का लागू करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में दो बार सर्वे हो चुका है। मेडिकल टीम में प्रशासन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग रहा। बेहतर प्रयासों का ही नतीजा है कि महामारी से अभी तक अलीगढ़ की स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों के सापेक्ष ठीक है। आगे भी इस प्रकार के प्रयास जारी रहेंगे, जिससे जनता को इस कठिन दौर से निजात मिल सके।