उलमा काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना मोहम्मद ताहिर मदनी ने खास बातचीत में कहा कि रामजन्म भूमि प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का हर फैसला मान्य होगा। इस संबंध में फैसला चाहे जो आए। वे बुधवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कैनेडी हाल में आयोजित जलसा ईद-मिलाद-उन-नबी में शिरकत करने आए थे।
उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी मुसलमानों के ठेकेदार नहीं हैं। देश में सबको अपनी मर्जी से काम करने का हक मिला। यही हिंदुस्तान के संविधान की खूबसूरती है।
मौलाना ताहिर ने असदुद्दीन ओवैसी को लेकर महमूद मदनी के दिए बयान को बेजा बताया। किसी भी आलिम को मुसलमानों का ठेकेदार बनने से बचना चाहिए। मौलाना ताहिर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि वे हर मोर्चे पर विफल साबित हुए हैं। उनका कोई भी वादा जमीन पर अमली जामा नहीं पहन सका। लोकसभा चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाएगी। प्रधानमंत्री बनने का सपना चकनाचूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने अरब के मदीना शहर में वेलफेयर स्टेट कायम की थी, जिसमें सभी का ख्याल रखा जाता था, लेकिन आज वैसा नहीं हो रहा है।
‘राम जन्म भूमि’ के ट्रेलर पर भड़के
मौलाना मोहम्मद ताहिर मदनी ने शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी की फिल्म ‘राम जन्म भूमि’ के ट्रेलर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह फिल्म हिंदू-मुस्लिम के सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करेगी। मगर, इससे वसीम रिजवी को वास्ता नहीं है, उन्हें तो केवल सुर्खियों में रहना है। भले काम समाज को तोड़ने का ही क्यों न हो। फिल्म में जो हजरत अमीर माविया के बारे में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं, वह मुनासिब नहीं है। सच तो यह है कि वसीम रिजवी को हजरत माविया के मुकाम का इल्म ही नहीं है।