काली पट्टी बांधकर शिया समुदाय के लोगों ने पड़ी ईद की नमाज।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की जामा मस्जिद में ईद-उल-फितर की नमाज सुबह नौ बजे अदा की गई। इमाम-ए-जुमा मौलाना जाहिद हुसैन रिजवी की इमामत में हजारों लोगों ने नमाज पढ़ी। नमाज के बाद फलस्तीन और ईरान के समर्थन में जबरदस्त तकरीर हुई। बाजुओं पर काली पट्टी बांधे शिया समुदाय के लोग एक-दूसरे से गले नहीं मिले।
नमाज के बाद मौलाना जाहिद ने कहा कि आज शिया समुदाय पर गम का पहाड़ टूटा है। जब फलस्तीन में बच्चों का खून बहाया गया, तब भी उन्होंने उन मजलूमों के समर्थन में आवाज बुलंद की थी। अब ईरान में 170 बच्चियों को मार दिया गया, तब भी वह उनके गम में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि शिया समुदाय के रहबर आयतुल्लाह खामनेई को जिस तरह उनके घरवालों के साथ शहीद किया गया, वह दुनिया से छिपा नहीं है। उनके गम में आज पूरा शिया समुदाय अपने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर शोक जता रहा है। कोई एक-दूसरे से गले नहीं मिल रहा है और न ही कोई खुशी का इजहार कर रहा है।
इससे पहले उन्होंने कहा कि रमजान के 30 दिनों में रोजेदारों ने गुनाहों से बचने की सीख ली है, आज से उस पर अमल करने का वक्त शुरू हो गया है। अब पूरे साल नेक काम करने होंगे तभी रमजान की इबादत कामयाब होगी।