उच्च शिक्षा राज्य मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि समाज व देश में मॉडल बनना पड़ेगा, लेकिन मेडल से मॉडल बनने की यात्रा कठिन है। जिन्हें मेडल नहीं मिले है उन्हें और संघर्ष करते हुए संकल्प लेना होगा कि कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता है। अब आपको जीवन की नई शिक्षा ग्रहण करनी है। मात्र पढ़ने लिखने व कार्स करने का नाम शिक्षा नहीं है। मंगलायतन विश्वविद्यालय उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों में उत्कृष्टता का प्रमाण है।
कुलाधिपति अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नवाचार के माध्यम से उद्यमिता विकसित करने वाले बनें। जिससे देश को विकसित राष्ट्र बनाया जा सके। आज लोग ज्ञान केवल विषय तक सीमित नहीं रहता, मंगलायतन विश्वविद्यालय ने आपको वह शक्ति दी है जो तेजी से बदलती दुनिया में आपको सफल बनाने में मदद करेगी।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि 11वां दीक्षांत समारोह का यह ऐतिहासिक अवसर केवल एक उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यहां मिलने वाली उपाधियां अथक परिश्रम, समर्पण और दृढ़ संकल्प का प्रतीक हैं। शिक्षा जीवन भर चलने वाली यात्रा है। आज विश्वविद्यालय से बाहर कदम रखेंगे तो याद रखें कि सफलता केवल पेशेवर उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि उस प्रभाव से मापी जाती है जो आप अपने चुने हुए क्षेत्र में डालते हैं। यहां जो ज्ञान अर्जित किया है, वह केवल करियर की नींव नहीं है, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन बल है।
प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दिकी, प्रो. किशनपाल सिंह, प्रो. आरके शर्मा ने उपाधि धारकों को प्रस्तुत किया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह की स्मारिका का विमोचन किया गया। आयोजन कुलसचिव बिग्रेडियर समरवीर सिंह व संयुक्त कुलसचिव प्रो. दिनेश शर्मा के नेतृत्व हुआ। संचालन डा. स्वाति अग्रवाल ने किया।
ये रहे मौजूद
दीक्षांत समारोह में एमएलसी ऋषिपाल सिंह, यूएमयू रांची की कुलपति प्रो. मधुलिका कौशिक, एएमयू के प्रति कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज, एमटीएसओयू के कुलपति प्रो. परवेज मसूद, एएमयू के प्रो. अब्दुला बुखारी आदि मौजूद रहे।
कीर्ति गौड़, नियाजी उज्मा, प्रज्ञा शर्मा, फुरकान कुरैशी, अतुल सिंह, मोनिका तिवारी, तहरीम जाफरी, सचिन कुमार शर्मा
इनको मिले रजत पदक
पूजा, आफरीन मसर्रत, मेघा वार्ष्णेय, अक्षेका सक्सेना, चेतन बनवारी लाल शर्मा, सानिया खान, प्रियंका पाठक, लवली, धीरज कुमार शर्मा
गोल्ड मेडलिस्ट के बोल
विद्यार्थी जीवन में गोल्ड मेडल मिलना बहुत सम्मान की बात है। मेरे जीवन का यह यादगार लम्हा है, जिसे में कभी नहीं भूलुंगी। विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के मार्गदर्शन से यह संभव हुआ है।-मोनिका तिवारी
मेहनत की जाए तो कोई भी मुकाम पाया जा सकता है। गोल्ड मेडल पाकर बहुत खुश हूं। जो विद्यार्थी अपने सपनों को नई उड़ान देना चाहते हैं उनके लिए मंविवि सबसे अच्छा विकल्प है।-फुरकान कुरैशी
अनुशासन और मेहनत के बिना सफलता की उम्मीद बेमानी है। विश्वविद्यालय से मिला पुरस्कार केवल व्यक्तिगत प्रयास का परिणाम नहीं है, बल्कि परिवार, शिक्षकों के समर्थन का भी प्रतीक है।-प्रज्ञा शर्मा
मेरे लिए यह पदक मात्र एक सम्मान नहीं, बल्कि आगे की राह में प्रेरणा का स्रोत है। हमें अपने ज्ञान का उपयोग समाज को बेहतर बनाने में करना चाहिए। विवि में बिताया समय याद रहेगा।-कीर्ति गौड़