अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के प्रशासनिक गेट के सामने पीएचडी में दाखिले को लेकर विद्यार्थी छठवें दिन भी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान एक छात्र की तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। विद्यार्थियों ने कुलपति को खून से पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने की मांग की। उधर, विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति को पोस्टकार्ड भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
शनिवार को सुबह नौ बजे धरने पर बैठे फराज अहमद की तबियत बिगड़ गई। फराज को फौरन जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया। फराज का ब्लड प्रेशर लो हो गया था। तबियत में सुधार होने के बाद फराज फिर धरना स्थल पर आ गए। विद्यार्थियों ने कहा कि पिछले छह दिन से वह धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। अलबत्ता, उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है। अगर धरना खत्म नहीं किया गया तो भविष्य में किसी भी पाठ्यक्रम में दाखिले पर रोक लगा दी जाएगी।
विद्यार्थियों ने कहा कि एएमयू इंतजामिया संवेदनहीन हो चुका है। धरने में आसिफ अली, दाऊद, समी, मरियम, नाजिम, आदिल, आबिद, जरीन, जैनब आदि मौजूद रहे।