छात्र अरुण कुमार व अन्य छात्रों ने बताया कि आगरा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एलएलबी द्वितीय वर्ष की परीक्षा में कुछ छात्र अनुत्तीर्ण हो गए थे। उन्होंने पुनर्परीक्षा दी, लेकिन अंकपत्र में अनुत्तीर्ण के अंक भी दर्ज कर दिए गए। उत्तर पुस्तिकाएं नहीं दिखाई जा रही हैं। इसके विरोध में प्रदर्शन किया गया तो 26 अगस्त को विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमेटी गठित कर दी। कमेटी को 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी कमेटी ने रिपोर्ट नहीं दी।
आगरा विश्वविद्यालय ने छात्रों की मांगें मानीं
एसवी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि आगरा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, एलएलबी द्वितीय वर्ष की पुनर्परीक्षा-2022 के ऐसे छात्र, जो संबंधित विषय में अनुत्तीर्ण हैं, उनकी विशेष परीक्षा कराकर परीक्षाफल घोषित किया जाए। पुनर्परीक्षा के वह छात्र, जिन्होंने भूतपूर्व छात्र के रूप में परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन किया है, उनकी दो सितंबर से परीक्षा होगी। परीक्षा में अनुपस्थित या अनुत्तीर्ण घोषित होने पर संबंधित छात्रों को अंतिम अवसर का लाभ दिया जा सकता है। प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों को तृतीय वर्ष में प्रवेश दिया जाए। यह व्यवस्था केवल सत्र 2022-23 के लिए अनुमन्य होगी। वहीं, छात्रों की मांग पर पांच छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का परीक्षण नामित प्रतिनिधियों/शिक्षकों द्वारा किया गया है। इसमें किसी प्रकार की विसंगति नहीं पाई गई है। एसवी कॉलेज के प्राचार्य ने इन प्रतिनिधियों को नामित किया था।
खून से राज्यपाल को लिखा पोस्ट कार्ड
डॉ. बीआर आंबेडकर विवि द्वारा संचालित बीएएलएलबी, एलएलबी की परीक्षा की तिथि बढ़ाई जाने और पुनर्परीक्षा में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को तृतीय वर्ष में प्रवेश देने की मांग को लेकर छात्रों ने एसवी कॉलेज के प्राचार्य का घेराव किया। छात्र नेता बलदेव चौधरी सीटू, मोहम्मद मोहसिन मेवाती, जय यादव, इमरान आदि ने अपनी पीड़ा खून से पोस्ट कार्ड पर लिखी है, जिसे राज्यपाल को भेजा है। पत्र में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी गई है।