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AMU: सुनो ऐ फैजानों ऐसा कोई काम न करो, एएमयू को यूं ही बदनाम न करो

Sat, 22 Jul 2023 02:54 AM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

बीए प्रथम वर्ष के छात्र फैजान अंसारी ने अपनी हरकतों से एएमयू के दामन को दागकर कर दिया है। उसे एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने आईएस से संबंध होने के आरोप में पकड़ लिया है। 
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एएमयू - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) को देश-दुनिया में इल्म का मरकज माना जाता है। इल्म की इस बगिया के दो फूल (विद्यार्थी) भारत रत्न पा चुके हैं। इस इदारे से निकले छात्र कई देश के राष्ट्र अध्यक्ष भी रहे। यहीं से प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब भी पढ़े हैं, जिनकी वजह से एएमयू का नाम रोशन हो रहा है, लेकिन बीए प्रथम वर्ष के छात्र फैजान अंसारी ने अपनी हरकतों से एएमयू के दामन को दागकर कर दिया है। उसे एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने आईएस से संबंध होने के आरोप में पकड़ लिया है। 

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इस इल्म के मरकज पर किसी न किसी छात्र की वजह से ही बदनामी के छींटे पड़ ही जाते हैं। इस इदारे से जिंगदियां संवरती हैं। नस्लें परवान पाती हैं। मां-बाप अपने बच्चे की कामयाबी से सुर्खरू होते हैं। मगर, कुछ की गलतियों से एएमयू को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। एक की गलती से 35 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को दिक्कतें होती हैं। देश-दुनिया में फैले अलीग बिरादारी भी परेशान हो जाते हैं। लिहाजा, इदारे के तालिब-ए-इल्म को चाहिए कि वो कोई ऐसा काम न करें, जिससे उनकी वजह से उनके इदारे और उनके खानदान को रुसवा होना पड़े। इसलिए सुनो ऐ फैजानों ऐसा कोई काम न करो, एएमयू को बदनाम न करो।

एएमयू 103 साल के इतिहास में भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री से यहां के विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 1963 में एएमयू के पूर्व कुलपति व देश के तीसरे राष्ट्रपति रहे डॉ. जाकिर हुसैन और वर्ष 1983 में खान अब्दुल गफ्फार खान उर्फ सीमांत गांधी को भारत रत्न दिया गया। सीमांत गांधी ने मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज में पढ़ाई की थी। एएमयू के पूर्व छात्र लियाकत अली खान पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बने। बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री मंसूर अली, मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद आमीन दीदी बने, जिन्होंने एएमयू में पढ़ाई की थी। 
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अब यहीं के छात्र बीए प्रथम फैजान अंसारी ने एएमयू की बदनामी कराई है। इससे पहले यहीं का छात्र मन्नान वानी आतंकवादी बन गया था, जो बाद में मुठभेड़ में मारा गया था। एएमयू से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी एक छात्र की गलती से एएमयू को बदनाम करना भी मुनासिब नहीं है। तालाब की एक मछली के खराब होने से पूरी मछलियां खराब नहीं हो जाती।

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भारतरत्न

  • डॉ. जाकिर हुसैन (1963)
  • खान अब्दुल गफ्फार खान (1983)

पद्मविभूषण
  • डॉ. जाकिर हुसैन (1954)
  • हाफिज मोहम्मद इब्राहिम (1967)
  • सैयद बशीर हुसैन जैदी (1976)
  • प्रो. आबिद सिद्दीकी (2006)
  • प्रो. राजा राव (2007)
  • प्रो. एआर किदवई (2010)

पद्मभूषण
  • शेख मोहम्मद अब्दुल्लाह (1964)
  • प्रो. सैयद जहूर कासिम (1982)
  • प्रो. आले अहमद सुरुर (1985)
  • नसीरुद्दीन शाह (2003)
  • प्रो. इरफान हबीब (2005)
  • कुर्रातुल एन हैदर (2005)
  • जावेद अख्तर (2007)
  • डॉ. अशोक सेठ (2014)

पद्मश्री- विश्वविद्यालय के 50 से ज्यादा पूर्व छात्र-छात्राओं को पद्मश्री मिल चुका है।
ज्ञानपीठ
  • कुर्रतुलऐन हैदर (1989)
  • अली सरदार जाफरी (1997)
  • प्रो. शहरयार (2008)

सुप्रीम कोर्ट के जज
  • जस्टिस बहारुल इस्लाम
  • जस्टिस सैयद मुर्तजा फजल अली
  • जस्टिस एस. सगहीर अहमद
  • जस्टिस आरपी सेठी
हाईकोर्ट के 47 जज

ये भी रहे छात्र
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा, अब्दुल्ला शेख मोहम्मद, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, राही मासूम रजा, शकील बदायूंनी, शायर जावेद अख्तर, फिल्म अभिनेता नसीरउद्दीन शाह आदि।
बच्चों को स्कूल से ही राष्ट्र भावना से प्रेरित पाठ्यक्रम पढ़ाना चाहिए, लेकिन इस तरह की व्यवस्था स्कूलों में नहीं है। जब वह समझ जाएंगे तो ऐसी गलतियां नहीं कर सकते। इंतजामिया को भी छात्रों से बीच-बीच में फीड बैक लेना चाहिए। रही बात फैजान की, तो हो सकता है कि वह खेल तमाशे और नादानी में कोई हरकत कर गया हो, यह तो जांच का विषय है। -प्रो. मुफ्ती जाहिद अली, पूर्व विभागाध्यक्ष सुन्नी थियोलॉजी, एमएयू
एएमयू प्रशासन को जिस तरह विद्यार्थियों को समझाना चाहिए, उसमें नाकाम है। विद्यार्थियों को बिगड़ने का मौका दिया जाता है। नए छात्र गलत लोगों के चक्कर में फंस जाते हैं। दिन-रात ढाबों पर सैकड़ों की तादाद में छात्र बैठे रहते हैं। कभी इनसे इंतजामिया नहीं पूछती, यहां क्यों बैठे हो? इस पर फिक्र करनी होगी। वर्ना, इसी तरह एएमयू को बदनाम होते रहना पड़ेगा। -प्रो. शमीम अहमद, पूर्व प्राचार्य, वीमेंस पॉलिटेक्निक, एएमयू
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