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AMU: रात भर खंगाला रिकॉर्ड, फैजान निकला एएमयू का बीए प्रथम वर्ष का छात्र, हॉस्टल न मिलने पर रह रहा था किराए पर

Sat, 22 Jul 2023 02:38 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

रात भर रिकार्ड खंगलाने के बाद सुबह प्रॉक्टर ने स्वीकारा कि उसने वर्ष 2022-23 में ही एएमयू में दाखिला लिया था। प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा भी उसने दी है। अब उसे 13 जुलाई से द्वितीय वर्ष की कक्षा में शामिल होना था।
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एएमयू विश्वविद्यालय - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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एनआईए द्वारा झारखंड के लोहरदगा से गिरफ्तार आईएसआईएस एजेंट फैजान अंसारी उर्फ फैज एएमयू में बीए प्रथम वर्ष अर्थशास्त्र का छात्र है। यह बात गिरफ्तारी के अगले दिन यानि शुक्रवार सुबह एएमयू इंतजामिया ने स्वीकार ली है। रात भर रिकार्ड खंगलाने के बाद सुबह प्रॉक्टर ने स्वीकारा कि उसने वर्ष 2022-23 में ही एएमयू में दाखिला लिया था। प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा भी उसने दी है। अब उसे 13 जुलाई से द्वितीय वर्ष की कक्षा में शामिल होना था। इस संबंध में जिला पुलिस ने भी एएमयू को पत्र भेजकर ब्योरा मांगा है, उस पर भी यही जवाब भेजा गया है। इधर, अब इस छात्र के खिलाफ एएमयू इंतजामिया द्वारा कार्रवाई की तैयारी है।

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झारखंड के लोहरदगा जिले की मित्तल कालोनी के फैजान अंसारी उर्फ फैज को एनआइए ने उसके घर से गिरफ्तार किया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर टीम उसके एएमयू के पास स्थित जमालपुर इलाके के किराये के कमरे पर भी पहुंची। जहां रात में कई घंटे की तलाशी के बाद काफी साक्ष्य संकलित कर ले गई। इसके बाद बृहस्पतिवार को उसकी गिरफ्तारी घोषित की गई। उसके विषय में बताया कि वह डार्कवेब नेट के जरिये आईएसआईएस के संपर्क में आया और एएमयू में पढ़ाई के दौरान उसने संगठन में शामिल होकर देश विरोधी काम शुरू किया। 

वह इस संगठन के तमाम लोगों के संपर्क में सोशल मीडिया के जरिये था और देश में हिंसक आतंकी हमले करने संबंधी आपराधिक साजिश भी रच रहा था। ये लोग इस्लामिक स्टेट के समर्थक हैं और भारत में आईएसआईएस के कॉडर बेस को मजबूत करने के लिए नव-धर्मांतरितों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकवादी बनाने प्रक्रिया में भी सक्रिय था। वह विदेश में आईएसआईएस संघर्ष थिएटर में हिजरत करने पर विचार कर रहा था। 
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हालांकि रात तक एएमयू प्रशासन उसके विषय में कोई जानकारी नहीं दे पाया। मगर देश की तमाम एजेंसियों के द्वारा जानकारी मांगे जाने और आतंकी संगठन से जुड़ा मामला होने पर एएमयू प्रॉक्टर कार्यालय की टीम रात भर रिकार्ड खंगलाती रहीं। शुक्रवार सुबह जाकर यह स्पष्ट हुआ कि फैजान एएमयू में बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। उसने प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2022-23 में बीए ऑनर्स इकोनोमिक्स में दाखिला लिया था। उसके बाद पहले जनवरी में और फिर पिछले माह सेमेसटर परीक्षा भी दी थी। 

अब उसे 13 जुलाई से बीए द्वितीय वर्ष की कक्षा में शामिल होकर पढ़ाई करनी थी, मगर वह गायब था। इधर, एनआईए द्वारा गिरफ्तारी के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने भी फैजान के विषय में पूरा ब्योरा एएमयू से मांगा है। इस संबंध में एक पत्र प्रॉक्टर कार्यालय को भेजा गया, जिसमें उसके प्रवेश से लेकर हाजिरी, अन्य गतिविधियों आदि की जानकारी मांगी है। जिसे ब्योरे के साथ प्रॉक्टर कार्यालय भेजने की तैयारी में है।

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दो पते होने के कारण रिकार्ड खोजने में देरी

एएमयू प्रॉक्टर कार्यालय के अनुसार जब रात में उसके नाम के आधार पर जानकारी मिली तो उसके नाम से रिकार्ड खंगाला गया। मगर उसके द्वारा दो पते अलग अलग दर्ज कराए गए। इस कारण रिकार्ड खंगालने में देरी हुई। एएमयू में प्रवेश के दौरान उसने जो आधार कार्ड दिया, उसमें अपना पता कट्टी रांची झारखंड लिखा है। इसलिए इस पते के आधार पर इस छात्र का रिकार्ड ऑनलाइन नहीं मिला। वहीं उसे जो एसएस नार्थ हॉस्टल आवंटित हुआ है। वहां उसने अपना पता लोहरदगा का लिखा है।

रूम न मिलने के कारण रह रहा था किराये पर 
प्रॉक्टर कार्यालय के अनुसार उसे प्रवेश के साथ ही एएमयू में एसएस नार्थ हॉल आवंटित हुआ था। जहां उसे कमरा मिलना था। मगर अभी उसमें वेटिंग होने के कारण उसे कमरा नहीं मिल पाया था। इसके चलते वह किराये पर रहा रहा था। अपने किराये के कमरे से पढऩे आता था।  इसी किराये के कमरे पर 17 जुलाई की रात एनआईए ने छापा मारा। जहां से तमाम डिजिटल साक्ष्य व दस्तावेजी साक्ष्य संकलित करके ले गई है।

साक्ष्यों की सुरक्षा के चलते कमरे का पता गुप्त
उसके किराये के कमरे के विषय में इतना जरूर पता चल गया है कि वह एएमयू से चंद कदमों की दूरी पर जमालपुर में कहीं है। मगर उसके पते को गुप्त रखा जा रहा है। घनी आबादी वाले उस पते पर एनआईए भी बेहद गुप्त तरीके से आई और रात में दो-तीन घंटे कमरे पर रुककर चली गई। गोपनीयता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्थानीय पुलिस तक को कमरे की जानकारी नहीं है। इस विषय में एजेंसियों से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि चूंकि एनआईए अभी जांच कर रही है। उसके साथियों के विषय में पूछताछ के लिए रिमांड पर भी लिया जाएगा। साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो जाए। इन बातों को ध्यान में रखते हुए कमरे का पता गुप्त रखा गया है। 
एनआईए द्वारा गिरफ्तार किया गया फैजान बीए का छात्र है। चूंकि उसके दो पते सामने आए, इसलिए रिकार्ड तलाशने में देरी हुई। वर्तमान में वह कैंपस के बाहर रह रहा था। उसने एएमयू में प्रवेश लेने के समय व हॉल में अलग अलग पते दिये है। उसका आधार कार्ड भी मिला है और उसने ओबीसी कैटेगरी भी दाखिले के समय बताई है। सिविल लाइंस पुलिस से उसका ब्योरा मांगने के संबंध में पत्र आया है, जो भी अधिकारिक बातें हैं, वे उपलब्ध कराई जाएंगी। आगे उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। -प्रो वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू
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