एएमयू प्रॉक्टर कार्यालय के अनुसार जब रात में उसके नाम के आधार पर जानकारी मिली तो उसके नाम से रिकार्ड खंगाला गया। मगर उसके द्वारा दो पते अलग अलग दर्ज कराए गए। इस कारण रिकार्ड खंगालने में देरी हुई। एएमयू में प्रवेश के दौरान उसने जो आधार कार्ड दिया, उसमें अपना पता कट्टी रांची झारखंड लिखा है। इसलिए इस पते के आधार पर इस छात्र का रिकार्ड ऑनलाइन नहीं मिला। वहीं उसे जो एसएस नार्थ हॉस्टल आवंटित हुआ है। वहां उसने अपना पता लोहरदगा का लिखा है।
रूम न मिलने के कारण रह रहा था किराये पर
प्रॉक्टर कार्यालय के अनुसार उसे प्रवेश के साथ ही एएमयू में एसएस नार्थ हॉल आवंटित हुआ था। जहां उसे कमरा मिलना था। मगर अभी उसमें वेटिंग होने के कारण उसे कमरा नहीं मिल पाया था। इसके चलते वह किराये पर रहा रहा था। अपने किराये के कमरे से पढऩे आता था। इसी किराये के कमरे पर 17 जुलाई की रात एनआईए ने छापा मारा। जहां से तमाम डिजिटल साक्ष्य व दस्तावेजी साक्ष्य संकलित करके ले गई है।
साक्ष्यों की सुरक्षा के चलते कमरे का पता गुप्त
उसके किराये के कमरे के विषय में इतना जरूर पता चल गया है कि वह एएमयू से चंद कदमों की दूरी पर जमालपुर में कहीं है। मगर उसके पते को गुप्त रखा जा रहा है। घनी आबादी वाले उस पते पर एनआईए भी बेहद गुप्त तरीके से आई और रात में दो-तीन घंटे कमरे पर रुककर चली गई। गोपनीयता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्थानीय पुलिस तक को कमरे की जानकारी नहीं है। इस विषय में एजेंसियों से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि चूंकि एनआईए अभी जांच कर रही है। उसके साथियों के विषय में पूछताछ के लिए रिमांड पर भी लिया जाएगा। साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो जाए। इन बातों को ध्यान में रखते हुए कमरे का पता गुप्त रखा गया है।
एनआईए द्वारा गिरफ्तार किया गया फैजान बीए का छात्र है। चूंकि उसके दो पते सामने आए, इसलिए रिकार्ड तलाशने में देरी हुई। वर्तमान में वह कैंपस के बाहर रह रहा था। उसने एएमयू में प्रवेश लेने के समय व हॉल में अलग अलग पते दिये है। उसका आधार कार्ड भी मिला है और उसने ओबीसी कैटेगरी भी दाखिले के समय बताई है। सिविल लाइंस पुलिस से उसका ब्योरा मांगने के संबंध में पत्र आया है, जो भी अधिकारिक बातें हैं, वे उपलब्ध कराई जाएंगी। आगे उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। -प्रो वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू