शुक्रवार की देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी भी हुई। इसके चलते बिजली आपूर्ति ठप हो गई और शहर में विभिन्न स्थानों पर पेड़, होर्डिंग आदि गिर पड़े। ग्रामीण इलाकों में बारिश होने की भी सूचना मिल रही है।
लॉकडाउन के चलते बिजली आपूर्ति बहाल करने में विभाग को समस्या का सामना भी करना पड़ा। मौसम के इस बदलाव से लोगों को अचानक बढ़ रही गर्मी से राहत भी मिली। पिछले कई दिनों से मौसम लगातार गर्म होता जा रहा था। शुक्रवार दोपहर बाद से ही आसमान में धूप छांव का सिलसिला चल रहा था। देर शाम अचानक बादल भी छाने लगे। देखते ही देखते घटा भी घिरने लगी।
देर शाम तेज आंधी से बिजली आपूर्ति बुरी तरह चरमरा गई। गांधी पार्क स्टेशन में 33 केवी लाइन पूरी तरह ठप हो गई। शहर के 52 बिजली घरों को बंद किया गया। टेलीफोन एक्सचेंज, लाल डिग्गी रोड, रामघाट रोड, आमिर निशा रोड, मेडिकल रोड, धौर्रा, जीटी रोड, सारसौल, धनीपुर, एटा चुंगी आदि इलाकों में पेड़ों की टहनियां बिजली के तारों पर गिर गईं। कई जगह बिजली के तारों के टूटने की सूचना मिल रही है।
इसके अलावा कुछ स्थानों पर लगी होर्डिंग क्षतिग्रस्त हो गई। कुछ होर्डिंग उखड़ कर गिर गईं। नई बस्ती इलाके में एक पेड़ की शाखा के मकान पर गिरने की भी सूचना मिल रही है। जैसे ही आंधी का जोर कम हुआ वैसे बिजली विभाग ने आपूर्ति सुचारु करने की कवायद शुरू कर दी। शुक्रवार देर रात तक लाइनों की पेट्रोलिंग का काम चल रहा था और जिन जिन इलाकों में लाइनों की स्थिति ठीक थी वहां पर बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई। इसके अलावा गभाना, खैर, लोधा, जट्टारी आदि इलाकों में बारिश होने की बात कही जा रही है।
नगर निगम की जेसीबी मशीनें भी हुई सक्रिय
शुक्रवार देर शाम आंधी आने के बाद जब कुछ स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं गिरने और बिजली आपूर्ति के बाधित होने की जानकारी कंट्रोल रूम को मिलने लगी तो नगर निगम की जेसीबी भी लाइनों को क्लियर करने के काम में लगा दी गई। इसके अलावा जहां-जहां होर्डिंग गिरी हैं वहां वहां भी उनको हटाने का काम नगर निगम की जेसीबी मशीन करती रही।