धरने पर बैठे दुकानदारों का कहना है कि उनका व्यापार ठप होता जा रहा है। कर्ज की किश्त भरने के लिए फोन आ रहे हैं, लेकिन वह कर्ज भरने की स्थिति में नहीं हैं। बच्चों की स्कूलों की फीस भी जमा होनी है।
33 दुकानों को अतरौली नगर पालिका द्वारा खाली कराने के आदेश के विरोध में दुकानदार 25 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनकी समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
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दुकानदारों का कहना है कि उनका व्यापार ठप होता जा रहा है। कर्ज की किश्त भरने के लिए फोन आ रहे हैं, लेकिन वह कर्ज भरने की स्थिति में नहीं हैं। बच्चों की स्कूलों की फीस भी जमा होनी है।
पूर्व सभासद संतोष लोधी, प्रेमपाल सिंह, प्रशांत, नितिन, फहीम खां, वीरेंद्र सिंह, मानपाल सिंह, आशू शर्मा आदि दुकानदारों का कहना है कि नगर पालिका की शर्तों का पालन करते हुए उन्होंने दुकानें ली थीं। जब व्यापार चल निकला तो नगर पालिका ही दुकानों की प्रक्रिया को गलत बताते हुए आवंटन को निरस्त कर दुकानें खाली कराने में लगी है। दुकानदार प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाकर धरने पर बैठे हैं। लेकिन उन्हें धरने से उठाने के कोई प्रयास नहीं हुए।