नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में सोमवार को शहर में रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में व्यापारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
उन्होंने मांग रखी कि उनकी रोजी-रोटी न छीनी जाए। व्यापारियों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर उन्हें जबरन न हटाने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि वर्षों से मेहनत और ईमानदारी से रोजगार कर रहे लोगों को अचानक हटाना उचित नहीं है। लॉकडाउन के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार ने रेहड़ी-पटरी व्यापारियों को स्वरोजगार के लिए 20 से 50 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया था। अब यदि उन्हें व्यापार करने से रोका गया तो उनकी आमदनी बंद हो जाएगी और ऋण चुकाने में भी असमर्थ हो जाएंगे।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि नगर निगम के नियमों का पालन कराने के साथ-साथ गरीब व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाए। इस दौरान करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह, सचिन राघव, मुकेश वर्मा, जीशान, मनीष स्वरूप, विशाल कुमार, मोहन सिंह, अरमान, कमल कश्यप, आरिफ, राजेंद्र यादव, सचिन सैनी, भोला कश्यप, तरुण सैनी आदि थे।
रेहड़ी-पटरी व्यापारियों को समझाया गया है कि वे सड़क पर अपनी दुकान लगाकर अतिक्रमण न करें, यह बर्दाश्त नहीं होगा। सभी दुकानदारों को वेंडिंग जोन में ही दुकानें लगाने की अनुमति होगी। इसके लिए संबंधित दुकानदार आवेदन करें। लाॅटरी के आधार पर दुकानों का वेंडिंग जोन में आवंटन किया जाएगा।
- प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त