गुलवीर सिंह की माताजी और पिताजी
- फोटो : संवाद
बेटे ने ट्रैक पर लहराया तिरंगा, पिता गांव में फहराना चाहते परचम
ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों में 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर गुलवीर सिंह ने तिरंगा लहराया। वहीं उनके पिता पप्पू सिंह गांव में विकास का परचम फहराने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी की है। उन्होंने बताया कि गुलवीर की सफलता से पूरे गांव का मान बढ़ा है। अब वह गांव की मूलभूत समस्याओं को दूर कराने के लिए प्रधानी का चुनाव लड़ेंगे। गांव में आज भी कई रास्ते कच्चे हैं। गांव के छुइया नाले पर अब तक पुलिया नहीं बन सकी है। बरसात के दिनों में स्कूली बच्चों, किसानों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने कहा है कि जिस गांव ने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एथलीट दिया है वहां बुनियादी सुविधाओं का विकास भी प्राथमिकता पर होना चाहिए।
जिस मिट्टी ने चैंपियन दिया, वहीं तैयार हों नए सितारे
गांव सिरसा में गुलवीर सिंह के नाम पर स्टेडियम बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। लोगों ने कहा कि जिस गांव की मिट्टी ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किया, वहां आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित कर नई प्रतिभाओं को अवसर दिया जाना चाहिए। लोगों ने बताया कि सरकारी जमीन उपलब्ध है, जहां गुलवीर सिंह स्टेडियम का निर्माण कराया जा सकता है। अगर यहां स्टेडियम बनता है तो न केवल सिरसा, बल्कि आसपास के रसैनी, हबीलपुर, छबीलपुर, छौगवां, विशनपुर, चंदौआ, रुनपुर, तरैंची, बिजौली और शफीपुर सहित कई गांवों के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
वर्तमान में खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण के लिए दूर जाना पड़ता है। गांव में स्टेडियम बनने से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही नियमित अभ्यास का अवसर मिलेगा और अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकेंगे। गुलवीर सिंह आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। ऐसे में उनके नाम पर स्टेडियम का निर्माण न केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को खेलों के प्रति प्रेरित करने वाला स्थायी स्मारक भी साबित होगा।