बैंक में पकड़ा गया नकली नेकलेस की जांच के दौरान मौजूद पुलिस कर्मी
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इस पर शाखा प्रबंधक को उन पर कुछ शक हुआ तो वह फंसाने के इरादे से उनसे बातचीत करने लगा और वृंदावन में हुई ठगी पर भी सवाल कर दिए। बस यहीं तीनों युवक फंस गए। उन्होंने स्वीकारा किया कि वृंदावन वाली घटना में शामिल फरार आरोपी राजीव व जगदीश उनके रिश्तेदार हैं। जब उनके फोटो शाखा प्रबंधक ने दिखाए तो उन्हें देखते ही पहचान लिया।
इस पर शाखा प्रबंधक ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए तीनों को बातों में फंसाए रखा। बातचीत में पता चला कि उनके साथ दो युवतियां व उनकी कार का चालक शाखा के बाहर हैं। शाखा प्रबंधक ने उन तीनों को भी अंदर बुलवा लिया। दो घंटे तक उन्हें बातों में उलझाए रखा और जोनल हेड गीतेश शर्मा के पहुंचने पर सासनी गेट पुलिस बुला ली गई।
पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने आपस में दोस्ती स्वीकारते हुए बताया कि वे ठगी के इरादे से आए थे। सुभाष व अविनाश ने बताया कि वृंदावन शाखा में ठगी में फरार चल रहे हाथरस सादाबाद के राजीव व जगदीश उनके रिश्तेदार हैं। उन्होंने ही तीनों को ठगी सिखाई है और यह नेकलेस भी उन्हीं के जरिये सुभाष को मिला है। वह अपने दोनों दोस्तों को ठगी में शामिल करने के मकसद से साथ लेकर आया। पुलिस ने शाखा प्रबंधक की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर तीनों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया और आगे का कार्रवाई जारी थी।
यह तीनों मुथूट शाखा में फर्जी सोना लेकर लोन लेकर ठगी करने के मकसद से पहुंचे थे। मुथूट स्टाफ की सूचना पर तीनों को पकड़ा गया है। तहरीर पर एफआईआर कराई जा रही है। बृहस्पतिवार को तीनों को जेल भेजा जाएगा। दोनों युवतियों की अभी तक कोई भूमिका सामने नहीं आई है। उनके परिजनों को बुलाया गया है। -आदित्य बंसल, एसपी शहर
स्टाफ वृंदावन घटना के बाद काफी सतर्क है। इसी सतर्कता के चलते ये तीनों पकड़े गए हैं। तीनों का वृंदावन घटना में फरार आरोपियों से ताल्लुक है। ये तीनों ने स्वीकारा है। मामले में पुलिस अपने स्तर से आगे कार्रवाई करेगी। जो नेकलेस इनके द्वारा दिया गया था। अगर वह सोने का होता तो 1.80 लाख रुपये में गिरवी रखा जाता। -गीतेश शर्मा, जोनल हेड, मुथूट गोल्ड लोन बैंक
आरोपियों से बरामद नेकलेस
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मुथूट बैंक में ठगी के आरोप में पकड़े गए तीनों आरोपियों में से एक भैरव की गर्लफ्रेंड को उसकी सहेली संग पुलिस ने हिरासत में लिया है। उसने अपनी गर्लफ्रेंड को शॉपिंग कराने के लिए बुलाया था लेकिन यहां उल्टा फंस गए। दोनों युवतियां गाजियाबाद के मोदीनगर की रहने वाली हैं। गर्लफ्रेंड की मानें तो भैरव ने दो साल पहले खुद को फैक्टरी संचालक का बेटा बताकर प्यार के जाल में फंसाया था। अब तक उससे मिलना जुलना चल रहा था। अब पुलिस झमेले में फंसने पर भैरव का सच सामने आने पर उसे पछतावा हो रहा है।
युवती ने बताया कि दो साल पहले सारसौल इलाके में बहन की शादी में भैरव से मुलाकात हुई थी। तब उसने खुद को फैक्टरी संचालक का बेटा बताकर दोस्ती की। धीरे-धीरे बातों मुलाकातों से प्यार शुरू हो गया। अक्सर मिलना जुलना होता था। दो दिन पहले भैरव ने उसे अलीगढ़ आने व शॉपिंग कराने का प्रस्ताव दिया था। इसी प्रस्ताव पर वह सुबह अपनी सहेली संग आई। यहां सारसौल के एक गेस्ट हाउस में भैरव संग कुछ घंटे रुकी। इसके बाद भैरव ने बुक करके टैक्सी मंगाई। तब यह कहा था कि शहर में घूमेंगे। इसके बाद तुम वापस चले जाना।
एक बजे करीब टैक्सी में वे तीनों होटल से निकले। रास्ते में बस स्टैंड के बाद भैरव के दोनों दोस्त सुभाष व अविनाश मिल गए। इसके बाद वे इस बैंक में आ गए। हालांकि युवतियों व टैक्सी चालक बाहर ही रुके रहे। काफी देर बाद उन्हें यह कहकर अंदर बुला लिया कि अभी समय लगेगा। इसलिए बैंक शाखा में आकर ही बैठ जाओ। बाद में पुलिस आ गई। दोनों रोते हुए अपनी कहानी बयां कर रही थीं। मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाली युवतियों को डर है कि परिवार के आने पर वे क्या मुंह दिखाएंगी।
तीन हजार रुपये भाड़े पर की टैक्सी
बैंक शाखा में मौजूद टैक्सी चालक आसिफ ने बताया कि उन्होंने टैक्सी ऑनलाइन बुक की थी। जिसमें कुछ घंटे में 50 किमी की राइड तीन हजार रुपये में तय हुई थी। यहां आने के बाद वह भी इनके चक्कर में फंस गया और अभी भाड़ा भी नहीं मिला है।