ताला कारोबारी की बुजुर्ग पत्नी ने बताया कि हाजी साहब अजान होने पर नमाज पढ़ने चले गए थे। इसी बीच हवाएं भी शुरू हो गईं थीं। तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। दरवाजा खोला तो बदमाश अंदर आ गए। इसके बाद बाहर से तेज आंधी के चलते इधर उधर सामान गिरने व बारिश की तड़तड़ाहट की आवाजों से अलग डर लग रहा था, जबकि बदमाश अंदर अलग से डरा रहे थे।
बदमाशों ने पुराने शहर के बीचोंबीच घनी आबादी वाले आतिशबाजान मोहल्ले में जिस समय वारदात को अंजाम दिया, उस समय बाहर से आंधी के चलते आने वाली आवाजें डरा रही थीं और अंदर घुसे बदमाशों का डर भी बुजुर्ग के जेहन में दहशत बरपाए हुआ था। वे लगातार एक ही बात कह रहे थे कि अगर शोर किया या बात नहीं मानी तो यहीं जान से हाथ धोना पड़ेगा।
विज्ञापन
ये बातें खुद ताला कारोबारी की बुजुर्ग पत्नी हुमा यूसुफ ने पुलिस व पड़ोसियों से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि जब आंधी शुरू नहीं हुई थी, तभी हाजी साहब अजान होने पर नमाज पढ़ने चले गए थे। चूंकि वे नमाज से पहले कुरान भी पढ़ते हैं। इसलिए समय से कुछ मिनट पहले चले जाते हैं। इसी बीच हवाएं भी शुरू हो गईं थीं। तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। उन्होंने दरवाजा खोला तो बदमाश अंदर आ गए।
यह भी पढ़ें... तेज आंधी के बीच बदमाशों का कहर: ताला कारोबारी की पत्नी को बंधक बनाकर लूटे 14 लाख, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
इसके बाद बाहर से तेज आंधी के चलते इधर उधर सामान गिरने व बारिश की तड़तड़ाहट की आवाजों से अलग डर लग रहा था, जबकि बदमाश अंदर अलग से उन्हें डरा रहे थे। इसके चलते वे कुछ देर तो बदहवास हो गईं। करीब पंद्रह मिनट बाद बदमाशों के जाने पर उन्होंने शोर मचाया तो आसपास भी सन्नाटा था। काफी देर में लोग एकत्रित हुए। तब तक बदमाश निकल चुके थे।