समाजवादी पार्टी के कुनबे में आला स्तर पर चल रहे अलगाव और सुलह की कोशिशों के बीच चुनाव की तैयारियों में जुटे दावेदारों और प्रत्याशियों के बीच बेहद ऊहापोह की स्थिति है। उनका मानना है कि वह सहज तभी रह सकेंगे जब जो ‘होना’ है वह ‘हो’ जाए और तस्वीर साफ हो जाए।
‘आर या पार’ के बाद वह उन स्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति तय कर सकेंगे। दूसरी ओर कुछ सपाइयों को पूरी उम्मीद है कि जल्द से जल्द मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के बीच सुलह हो जाएगी और चुनाव चिह्न को लेकर चल रही उठापटक भी थम जाएगी। सोमवार को ऐसी ही उम्मीदों से हौसला पाए सपाइयों की बैठक विधायक जफर आलम के जेल रोड स्थित कैंप कार्यालय पर हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं के ठंडे पड़ रहे मनोबल को बढ़ाने की कवायद की गई।
जिला अध्यक्ष अशोक यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव आयोग के दिशा निर्देशानुसार चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। तय किया गया है कि 76 शहर विधान सभा से सपा प्रत्याशी व नगर विधायक विधायक जफर आलम आगामी 22 जनवरी (रविवार) के दिन सुबह 10 बजे नुमाइश ग्राउंड से चलकर कलेक्ट्रेट पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव जीतने के बाद जो सम्मान आपको मिलेगा वो 5 वर्ष आपके काम आएगा।
हर कार्यकर्ता अपने को जफर आलम समझकर चुनाव को जिताने का काम करे।
नगर विधायक जफर आलम ने सभी पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से कहा कि हमारा चुनाव पहले चरण में होने के कारण बहुत कम समय मिला है। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं से कहा कि वह अपना वजन किसी से कम न समझें। संचालन अब्दुल हमीद घोषी ने किया।
इस अवसर पर सपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विनोद सविता, कृपाल सिंह यादव, मुजफ्फर सईद, केएम गुप्ता, रवि शंकर वार्ष्णेय, पूरन मल प्रजापति, नौरीन खान, जावेद अजीज, सीपी.सिंह बघेल आदि मौजूद थे।