पूर्व सीएम अखिलेश यादव के चाचा राजपाल यादव के शांति पाठ में शामिल होने के लिए अलीगढ़ से सपा नेता भी गए। वहां अलीगढ़ महिला सभा की जिलाध्यक्ष सुनीता यादव और पूर्व जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडे के बीच 20 जनवरी को विवाद हो गया।
सपा कार्यालय के सामने सपा नेत्री सुनीता यादव धरने पर बैठ गईं। उन्होंने सपा नेता रत्नाकर पांडे पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया और पार्टी से उनके निष्कासन की मांग की। सपा के वरिष्ठ नेता डीआर यादव की पहल पर सुनीता यादव को जूस पिलाकर धरना खत्म कराया। सुनीता यादव को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ बुलाया है।
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इटावा के सैफई में सपा नेता रत्नाकर पांडे पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए सपा नेता सुनीता यादव 21 जनवरी को क्वार्सी बाईपास रोड स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर सड़क पर धरने पर बैठीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां अलीगढ़ के कई नेता भी थे, लेकिन किसी ने भी उनका विरोध नहीं किया। मुझे धमकी दी गई है, जिसके चलते मैं रात भर ठीक से सो नहीं पाई हूं। अपने परिवार और बच्चों की जान की चिंता होने लगी है।
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धरने पर बैठी सुनीता यादव ने मांग की है कि रत्नाकर पांडे का पार्टी से बहिष्कार किया जाए और महिलाओं का सम्मान बचाया जाए। उन्होंने रत्नाकर पांडे पर भाजपा से जुड़े नेताओं के जरिए धमकाने का भी आरोप लगाया।
धरना खत्म,लखनऊ बुलाया अखिलेश यादव ने
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर महिला सभा की जिला अध्यक्ष सुनीता यादव के धरने पर बैठनी कि सपा के वरिष्ठ नेता डीआर यादव को पता लगा तो वह धरनास्थल पर पहुंचे। डीआर यादव की पहल पर सुनीता यादव व प्रेम सिंह यादव की मामले को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल से बात हुईं। अखिलेश यादव ने सुनीता यादव को लखनऊ बुलाया है। डीआर यादव ने सुनीता यादव को जूस पिलाकर धरना खत्म कराया। इस दौरान ठाकुर तेजवीर सिंह, देवेंद्र प्रधान, राकेश यादव, आरती सिंह, बीनू पाल बघेल, शालिनी वर्मा, भूरी सिंह आदि मौजूद रहे।
यह है मामला
पूर्व सीएम अखिलेश यादव के चाचा राजपाल यादव के शांति पाठ में शामिल होने के लिए अलीगढ़ से सपा नेता भी गए। वहां अलीगढ़ महिला सभा की जिलाध्यक्ष सुनीता यादव और पूर्व जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडे के बीच 20 जनवरी को विवाद हो गया था।