अलीगढ़। इगलास में पकड़े गए काले तेल के गोदाम और उसमें आरोपी को बचाने को लेकर पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। इसको लेकर आईजी जोन आगरा दुर्गाशरण मिश्रा ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। आईजी ने इस मामले में डीआईजी अलीगढ़ मंडल गोविंद अग्रवाल को सीओ और एसपी (ग्रामीण) की भूमिका की जांच कर एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देेश दिए हैं।
आईजी के इस रुख के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आईजी ने जो पत्र भेजा है उसकी सख्त भाषा शैली भी अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। पत्र में आईजी ने स्पष्ट कहा है कि बिना स्थानीय पुलिस और अधिकारियों की मिलीभगत के क्षेत्र में कोई भी गैर कानूनी धंधा कैसे पनप सकता है?
क्या है मामला?
कुछ दिन पहले इगलास क्षेत्र में जिलाधिकारी के निर्देश पर काले तेल के गोदाम पर छापा मारा गया। छापे के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं मिलीं। प्रशासनिक टीम ने एक आरोपी बबलू प्रधान को पुलिस के हवाले किया। पुलिस पर आरोप लगा कि उसने बबलू प्रधान के मामले में उदासीनता और लापरवाही दिखाई। आरोपी को लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्य गतिविधियों को अंजाम दिया गया। इस पूरा मामले के प्रकाश में आते ही एसएसपी ने जांच कराई जिसमें दोषी पाए जाने पर कोतवाली इगलास के प्रभारी इंस्पेक्टर करन सिंह चौहान को निलंबित कर दिया गया। इस मामले की जानकारी आईजी तक भी पहुंची, जिसे बेहद गंभीरता से लिया गया।
क्या कहा है आईजी ने अपने पत्र में
आईजी आगरा जोन दुर्गा शरण मिश्र ने डीआईजी को भेजे अपने पत्र में कहा है कि समाचार पत्रों में 26 जून को प्रकाशित खबरों के आधार पर संज्ञान आया है कि स्थानीय पुलिस को इस काले तेल के धंधे का संरक्षण प्राप्त था। जिस प्रकार की गतिविधियां अंजाम दी गई हैं उससे स्पष्ट है कि कुछ अधिकारियों से भी आरोपियों की सांठगांठ है। सीओ इगलास का आवास इगलास में ही है, इसके बाद भी उन्हें इस प्रकार की गतिविधियों का पता नहीं चलना कई सवाल खड़े करता है। इस पूरे प्रकरण में सीओ इगलास और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संसार सिंह राठी की भूमिका की जांच होनी चाहिए, जिसकी रिपोर्ट एक हफ्ते में दी जाए।
शराब की तस्करी भी जांच के घेरे में
काले तेल के काले कारोबार के साथ ही इगलास में पकड़ी गई तस्करी की शराब को लेकर भी आईजी ने सख्त रुख अपनाया है। कहा गया है कि आखिर यह लोग इस प्रकार की गतिविधियों को इतने बेखौफ तरीके से कैसे अंजाम दे रहे हैं? गौरतलब है कि शराब की तस्करी इगलास में ही नहीं बल्कि अलीगढ़ जिले में ही धड़ल्ले से हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को लाइसेंसी शराब कारोबारियों ने प्रशासन से तस्करी रोकने की गुहार भी की थी।