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दर्दनाक : एंबुलेंस नहीं मिलने पर ई-रिक्शा में पिता का शव लेकर श्मशान पहुंचा बेटा

Tue, 27 Apr 2021 06:55 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़

सार

सराय हकीम निवासी चेतन गुप्ता को अपने पिता के शव के लिए एंबुलेंस ही नहीं मिली। पुलिसकर्मियों ने भी काफी फोन किए। लेकिन एंबुलेंस नहीं आने पर मजबूरन चेतन अपने पिता का शव ई-रिक्शा में लेकर श्मशान घाट पहुंचा।
 
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ई-रिक्शा में पिता का शव लेकर श्मशान पहुंचा बेटा - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण की आपदा में प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों ने अवसर तलाश लिए हैं। अगर आपके पास कोविड की रिपोर्ट है तो चार हजार रुपये और नहीं है तो एंबुलेंस का किराया आठ हजार रुपये तक मांगा जा रहा है। वहीं सोमवार को एक दर्दनाक स्थिति तब सामने आई। जब सराय हकीम निवासी चेतन गुप्ता को अपने पिता के शव के लिए एंबुलेंस ही नहीं मिली। पुलिसकर्मियों ने भी काफी फोन किए। लेकिन एंबुलेंस नहीं आने पर मजबूरन चेतन अपने पिता का शव ई-रिक्शा में लेकर श्मशान घाट पहुंचे।
 
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ई-रिक्शा में पिता का शव लेकर श्मशान पहुंचा बेटा - फोटो : अमर उजाला
वहीं दूसरी तरफ दाउद खां के हाजीपुर गांव निवासी वेद प्रताप सिंह दस अप्रैल को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। इसके बाद से वह रामघाट रोड स्थित मैक्सफोर्ट अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार को उन्हें छुट्टी मिली तो बेटा तनिष्क प्रताप सिंह एंबुलेंस संचालकों के पास पहुंचा। यहां एंबुलेंस संचालकों ने बताया कि 24 घंटे की कोविड रिपोर्ट चाहिए। अगर है तो चार हजार रुपये किराया लगेगा। नहीं तो आठ हजार रुपये लगेंगे। 
 
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ई-रिक्शा में पिता का शव लेकर श्मशान पहुंचा बेटा - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा शहर के विभिन्न लोगों से शव श्मशान घाट पहुंचाने के लिए तीन से पांच हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। वहीं दर्दनाक तस्वीर देखने तो तब मिली, जब सराय हकीम निवासी रामेंद्र प्रताप गुप्ता के शव को श्मशान पहुंचाने के लिए कोई एंबुलेंस नहीं मिली। बेटा चेतन गुप्ता ने बताया कि सात दिन पहले आरटीपीसीआर का टेस्ट घर से कराया था। जिसकी रिपोर्ट नहीं आई। इसके बाद रविवार को दीनदयाल जाकर फिर से टेस्ट कराया।

 

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ई-रिक्शा में पिता का शव लेकर श्मशान पहुंचा बेटा - फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह आठ बजे के लगभग घर पर ही पिता की मौत हो गई। जानकारी पर पुलिसकर्मी आए थे। एंबुलेंस नहीं मिली तो ई-रिक्शा तय किया गया। पुलिसवालों ने मानवीयता के आधार पर शव को ई-रिक्शा में रखवाया। चेतन ने बताया कि वह और उनकी पत्नी क्वारंटीन हो गए हैं। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं सोचा था कि पिता का शव ई-रिक्शा में पहुंचाना पड़ेगा। इसके अलावा नुमाइश श्मशान घाट पहुंचे लोगों ने बताया कि एंबुलेंस संचालक शव लाने के लिए तीन-तीन, चार-चार हजार रुपये मांग रहे हैं। आखिर इन पर कोई नकेल क्यों नहीं कस रहा है।
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corona - फोटो : amar ujala
वहीं जनपद में सोमवार को जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह सहित 237 लोग कोरोना संक्रमित हो गए। जबकि 138 लोग स्वस्थ हुए। विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 15 मरीजों की मौत हो गई। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह और उनका ड्राइवर भी संक्रमित हो गए। इसके अतिरिक्त जनपद में अलग-अलग क्षेत्रों के 237 लोग संक्रमित हुए हैं।
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