अलीगढ़ शहर के ज्वालापुरी में 300 किलोग्राम से अधिक वजन का ताला बनकर तैयार हो गया है। मामूली परिवर्तन के बाद इसका वजन 350 किलोग्राम तक पहुंचने की उम्मीद है। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा ताला होगा। महानगर के ज्वालापुरी के गली नंबर पांच निवासी ताला कारीगर सत्यप्रकाश शर्मा और उनकी पत्नी रुकमणि शर्मा ने 300 किलोग्राम के इस ताले को तैयार किया है। इसे तैयार करने में सत्यप्रकाश शर्मा के साले शिवराज शर्मा और उनके बच्चों ने भी मदद की है। शहर के रामसंस लॉक्स के राजीव कुमार के ऑर्डर पर यह ताला तैयार किया जा रहा है। छह फीट दो इंच लंबे और दो फीट साढ़े नौ इंच चौड़े इस ताले को बनाने में 65 किलोग्राम से अधिक पीतल का इस्तेमाल किया गया है। करीब एक लाख रुपये का खर्च आया है।
विज्ञापन
2 of 6
दुनिया का सबसे बड़ा ताला
- फोटो : अमर उजाला
सत्यप्रकाश शर्मा कहते हैं कि ताला तो बनकर तैयार है, लेकिन इसे और बेहतर आकार देने के लिए कड़े बदलने का निर्णय लिया गया है। कड़े को बदलने पर इसका वजन 350 किलोग्राम तक पहुंच जाएगा। रामसंस लॉक्स के राजीव कुमार कहते हैं कि 70 प्रतिशत काम हो गया है। तैयार होने के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा ताला होगा, जो वर्किंग में रहेगा। तालानगरी के लोग इसे देखकर गर्व महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि ताला तैयार होने के बाद इसे भव्य रूप से दुनिया के सामने लाया जाएगा।
विज्ञापन
3 of 6
सबसे बड़े ताले की चाबी
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के दौरान ताला बनाने में जुटे रहे रुकमणि-सत्यप्रकाश
भारी भरकम ताला बनाने में रुकमणि शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा एवं शिवराज शर्मा लॉकडाउन के समय से ही जुटे हैं। इसका आर्डर लॉकडाउन के पहले मिला था। कुछ समय के लिए व्यवधान भी आया लेकिन फिर काम में जुट गए। सत्यप्रकाश शर्मा कहते हैं कि अभी 6 लीवर का ताला तैयार हुआ है। तीन फुट चार इंच की चाबी का वजन 25 किलोग्राम से अधिक है।
4 of 6
सत्यप्रकाश और रुक्मिणी
- फोटो : अमर उजाला
सत्यप्रकाश के पिता ने भी बनाया था भारी भरकम ताला
सत्यप्रकाश शर्मा के पिता स्व. भोजराज शर्मा अपने समय के मशहूर ताला कारीगर थे। उन्होंने भी 40 किलोग्राम एवं उससे अधिक वजन के कुछ ताले बनाए थे। एक ताला कोलकाता गया था। दूसरा अलीगढ़ में है। पिता के सानिध्य में सत्यप्रकाश भी ताला बनाने लगे।
विज्ञापन
5 of 6
ताला बनाने वाले सत्यप्रकाश का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
सांसद, विधायक, पार्षद देख चुके हैं ताले
चंद रोज पहले ज्वालापुरी में सांसद सतीश गौतम, विधायक राजकुमार सहयोगी एवं अनूप प्रधान, वार्ड 40 के पार्षद अनिल सेंगर एवं भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष मनोज शर्मा आदि ताला देखने गए थे। ज्वालापुरी में इसे प्रदर्शित किया गया है।
मनोज शर्मा कहते हैं कि यह ताला दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेगा। पार्षद अनिल सेंगर कहते हैं कि यह दुनिया का सबसे बड़ा ताला होगा। यह सोचकर खुशी होती है। अलीगढ़ पूरी दुनिया में ताले के नाम से पहचाना जाता है।