इकराम वारिस/भूपेंद्र चौधरी
यूपी बोर्ड परीक्षा अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन शनिवार को अतरौली के क्षेत्र में हाईस्कूल के विज्ञान का पेपर आउट होेने के बाद नकल विहीन परीक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, नकल की मंडी को ध्वस्त करने में कुछ कॉलेज के ही लोग लगे हैं। कई कार्रवाई इस बात की ओर इशारा करती है कि कोई न कोई ऐसा है, जो प्रशासन को नकल होने की जानकारी दे रहा है। अब कॉलेज प्रशासन इन ‘विभीषण’ की तलाश में जुट गया है।
ग्रामीण अंचल में कई परीक्षा केंद्र नकल होने के चलते सेंटर डिबार हो चुके हैं। नकलची पकड़े गए हैं। अब तक हुई परीक्षा में पहला मौका है, जब पेपर आउट हुआ है। कई मुन्नाभाई भी पकड़े जा चुके हैं। कौन-कौन ऐसे विभीषण हैं जो अतरौलिया बोर्ड की लंका जलाने में लगे हैं। नकल माफिया खुद इस बात से परेशान हैं कि गोपनीय स्थान की जानकारी आखिर प्रशासन तक पहुंच कैसे जाती है। चर्चा यह भी हो रही है कि सूचना देने वाले कुछ ऐसे लोग हैं, जिनके परीक्षा केंद्र नहीं बने हैं या जिनके परीक्षा केंद्रों पर पूर्व में कार्रवाई हो चुकी है या फिर कुछ ऐसे एडमीशन करने वाले ऐसे ठेकेदार जिनकी बात को कॉलेज वाले तवज्जो नहीं देते।
गलतफहमी में पहुंचे दूसरे ईट भट्ठे पर, जहां विज्ञान के प्रश्न हो रहे थे हल
एसडीएम पंकज कुमार को सूचना मिली कि शनिवार को हाईस्कूल के विज्ञान का प्रश्न पत्र आउट हो चुका है। एक ईंट भट्ठे पर विज्ञान के प्रश्नों को यूपी बोर्ड की कॉपियों पर हल किया जा रहा है। सूचना देने वाला व्यक्ति एसडीएम से संपर्क में रहा। वह लगातार ईंट भट्ठे का रास्ता बता रहा था। लेकिन बताए जाने वाले रास्ते पर दो ईंट भट्ठे थे। इस कारण एसडीएम व्यक्ति द्वारा बताए जा रहे ईंट भट्ठे की बजाय गलतफहमी में अपने दल-बल के साथ भाजपा नेता अभय शर्मा के ईंट भट्ठे पर पहुंच गए। बाद में सूचना देने वाला इस ईंट भट्ठे की जानकारी देने लगा। एसडीएम ने 20 कॉपी और तीन सॉल्वर को मौके से पकड़ा। दूसरी पाली में इंटर के जीव विज्ञान की परीक्षा थी। रायपुर स्टेशन स्थित गोमती इंटर कॉलेज में सॉल्वर द्वारा प्रश्नों को हल करने की सूचना मिली। सूचना पर तहसीलदार उषा सिंह ने छापा मारा तो मौके से एक सॉल्वर को कॉपी और नकल सामग्री के साथ पकड़ लिया, जबकि दो मौके से भाग गए।
डीआइओएस डा. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि किसी भी कीमत में नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिन्होंने नकल को लेकर उदासीनता दिखाई है।
कई सालों से चुनौती दे रहे नकल माफिया
- 2019 में दादों के एक केंद्र पर कई फर्जी परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए थे, जो ठेके पर कॉपी लिखने के लिए बुलाए गए थे।
- 2018 में एसडीएम, सीओ ने सूचना पर तेवथू में छापा मारा था, जहां कॉलेज प्रबंधक के घर से 62 सॉल्वर को कॉपी लिखते हुए पकड़ा था।
- 2018 में सूचना पर हरदोई के एक परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे मुन्ना भाई पकड़े गए थे।
- 2018 में डीआईओएस को सूचना मिली कि बिजौली के एक केंद्र पर परीक्षा खत्म होन के बाद कॉपी लगाई जाती हैं। डीआईओएस ने मौके पर कॉपियों का जखीरा पकड़ा।
- 2018 में बिजौली के निकट एक केंद्र पर फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए थे। जिला सांख्यिकी अधिकारी को मुखबिर ने रोल नंबर लिखवाए थे, जांच में फर्जी परीक्षार्थियों की पुष्टि हुई।
- 2017 में दादों के एक परीक्षा केंद्र पर डीआईओएस ने मुखबिर की सूचना पर कई फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा।
- 2016 में हरदोई में एक केंद्र पर चार्ट व भारी मात्रा में नकल सामग्री बरामद की थी, जिसमें फर्जी परीक्षार्थी भी पकड़े थे।
- 2015 में दादों के एक केंद्र के निकट घर में कॉपी लिखते हुए कई लोगों को पकड़ा था। सूचना पर घर को पुलिस ने पहले चारों ओर से घेरकर सॉल्वर को नकल सामग्री व चार्ट बनाते हुए पकड़ा।