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अपराजिता: उंगलियों को बनाएं हथियार, हमलावर हो जाएगा ढेर

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प्रशिक्षण के बाद अभ्यास करतीं बच्चियां। - फोटो : CITY OFFICE
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अगर कोई आप पर हमला कर दे तो घबराए नहीं, महिलाओं का सबसे बड़ा हथियार नाखून हैं। यदि हमलावर की उंगलियों के नाखून के ऊपर कसकर दबाएंगे तो वह अपनी पकड़ छोड़ देगा। वहीं, उंगलियों को हमलावर के गले या कॉलर बोन वाले गड्ढे में कसकर गढ़ा दें तो वह उठ नहीं पाएगा। आत्मरक्षा के ये टिप्स ताइक्वांडो प्रशिक्षक मोहम्मद अहमद और कौसेन खान ने महिलाओं को दिए। साथ ही उन्होंने बच्चों को बताया कि अगर कोई अंजान व्यक्ति तुम्हें उठाने की कोशिश करे तो कसकर पैर पकड़कर बैठ जाओ और जोर से चिल्लाओ। इससे वह आपको उठाकर भाग नहीं पाएगा। साथ ही चिल्लाने पर जल्द ही मदद मिल जाएगी।
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स्वर्ण जयंती नगर स्थित शिवालिक गंगा अपार्टमेंट में रविवार को अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों द्वारा सिखाई गई तकनीकों से अभिभावक प्रभावित हुए और उन्होंने 20 बच्चों को प्रशिक्षित कराने का फैसला लिया। इसके लिए यहां पर जल्द ही कैंप शुरू होगा। इस मौके पर कौशिक चटर्जी, आशा कुलश्रेष्ठ, स्वाति माहेश्वरी, डॉ. देवेंद्र कुमार, शैलेंद्र सक्सेना, डॉ. राकेश कुमार गुप्ता, ऊषा, इदा, रीना वार्ष्णेय, तरुण मजेठिया, पूनम सक्सेना, रजनी गुप्ता, संजीव महेश्वरी, प्रमिला जैन, रुबी अरोरा, रीना अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
ये सुविधाएं हैं अपार्टमेंट में
अपार्टमेंट में दो ब्लॉक में 28 फ्लैट हैं। यहां विजनेसमैन, रिटायर्ड कर्मचारी, सर्विस क्लास, किराएदार व फ्लैट मालिक रहते हैं। अपार्टमेंट में दो चौकीदार 24 घंटे ड्यूटी देते हैं। वहीं सीसीटीवी कैमरे व फायर सिस्टम की सुविधा भी है। बिना परमीशन किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलती है।
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धूमधाम से मनाए जाते हैं सामूहिक त्योहार
अपार्टमेंट में लोग 15 अगस्त, 26 जनवरी के साथ साथ दीपावली, होली, लोहड़ी, तीज, नया साल आदि को सामूहिक रूप से धूमधाम से मनाते हैं। सामूहिक भोज का आयोजन भी समय समय पर करते रहते हैं। साथ ही शाम को सभी लोग एक साथ बैठकर चर्चा करते हैं।
पूनम सक्सेना की गायकी के लोग हैं कायल
अपार्टमेंट में रहने वाली पूनम सक्सेना की गायकी के यहां के लोग कायल हैं। अक्सर महिलाओं या बच्चों को जब भी समय मिलता है तो वह पूनम सक्सेना से फरमाइश कर देते हैं। पूनम सक्सेना भी एक से बढ़कर एक भजन या गीत सुनाती हैं तो लोग झूम उठते हैं।
महिलाओं ने आत्मरक्षा के गुर सीखकर की जोर आजमाइश
कार्यक्रम के दौरान जब ट्रेनर ने कई सारी तकनीक बताई तो महिलाओं को आश्चर्य हुआ कि क्या हम किसी से अपना हाथ छुड़ा सकते हैं या फिर अपनी सुरक्षा भी कर सकते हैं। फिर क्या था, महिलाएं कुर्सी से उठीं और ट्रेनर के सामने जोर आजमाइश करने लगीं। ट्रेनर द्वारा सिखाई गई तकनीक जब खुद से इस्तेमाल की तो उनका आत्मविश्वास आसमान पर था। ऐसे में महिलाओं ने तालियां बजाकर अमर उजाला के कार्यक्रम की सराहना की।
ये बोली महिलाएं
- अपराजिता कार्यक्रम काफी अच्छा लगा। यही वजह है कि अब बच्चों को भी ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिलवाउंगी। - रीना वार्ष्णेय, ग्रहणी।
- अगर कोई उठाने आएगा तो बचने का तरीका समझ में आ गया है। मैं कसकर पैरों को पकड़कर जोर से चिल्लाउंगी। - दिव्यांशी।
- अपराजिता अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण युवतियों और बच्चों को जरूर लेना चाहिए। - स्वाति माहेश्वरी।
- अमर उजाला महिलाओं के लिए अपराजिता कार्यक्रम चला रहा है। इससे आपात स्थिति के लिए मनोबल बढ़ा है। - आशा कुलश्रेष्ठ।

महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देते ताइक्वांडो ट्रेनर मोहम्मद अहमद व कौसेन खान। - फोटो : CITY OFFICE

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