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सैनिकों की तरह छात्रों को मिलना चाहिए पोस्टल बैलेट का अधिकार: सीतलवाड़

Thu, 28 Mar 2019 12:08 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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फाइल फोटो
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पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि सैनिकों की तरह छात्र-छात्राओं को भी पोस्टल बैलेट का अधिकार मिलना चाहिए। सीतलवाड़ बुधवार को वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन द्वारा कॉलेज आडिटोरियम में आयोजित तीन दिवसीय वीमेंस लीडरशिप सम्मिट को संबोधित कर रही थीं। 
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पुलिस सुधार पर आयोजित पैनल डिस्कशन में भी शामिल हुई। उन्होंने पुलिस सुधार की वकालत करते हुए कहा कि इस मुद्दे को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल होना चाहिए। इसके लिए जनता की तरफ से आवाज उठनी चाहिए। मानवाधिकार को सुरक्षित रखने के लिए भी यह जरूरी है। 

2002 में गुजरात दंगे के दौरान पुलिस प्रशासन का व्यवहार एकतरफा हो गया था। तीन हजार गरीब लोग मारे गए। उन्होंने कहा कि आरएसएस वाले कहते है कि हमें संविधान पलटना है। यह देश के सामने मूल सवल है। वह देश में मनुवादी व्यवस्था लाना चाहते है।
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पत्रकार अरफा खानम शेरवानी भी पैनल डिस्कशन में शामिल हुई। उन्होंने छात्राओं द्वारा सांसद सतीश गौतम के बयान ‘एएमयू में मुस्लिम शब्द थोड़ा वैसा लगता है’ से संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि ये लोग (भाजपा) जिस तरह का हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं, उसमें एएमयू फिट नहीं बैठता है। 
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ध्रुवीकरण के लिए एएमयू उनके स्क्रिप्ट में फिट बैठता है। इसलिए टार्गेट करते हैं। उन्हें एएमयू की खूबियां नहीं दिखती। सवाल-जवाब के दौरान उन्होंने मीडिया पर भी खुलकर टिप्पणी की और कहा कि मीडिया सरकार विरोधी नहीं बल्कि जन विरोधी बन गई है। 

अब यह गरीबों की आवाज नहीं, ताकतवर लोगों का बयान बनकर रह गई है। वीमेंस कॉलेज छात्र संघ की अध्यक्ष आफरीन फातिमा ने एएमयू छात्र संघ उपाध्यक्ष हमजा सुफयान एवं अन्य छात्र नेताओं पर हमला बोला और गुंडा तक कहा। 

उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अरफा खानम शेरवानी का विरोध किया। उनका उद्देश्य वीमेंस कॉलेज के कार्यक्रम को खराब करना था। वे लोग दिन भर बैठे रहे कि अरफा आएंगी तो विरोध करेंगे। 

एक छात्रा ने कहा कि यह वीमेंस लीडरशिप सम्मिट पर नहीं बल्कि वीमेंस कॉलेज के किरदार पर हमला था। इस अवसर पर वीमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. नईमा गुलरेज, वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन की सचिव मेमुना अंसारी, नाइला अल्वी, अफनान, प्रो. मोहिबुल हक, प्रो. शकील समदानी, डॉ. फुरकान संभली आदि मौजूद थी।
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मोदी सिर्फ बोलना जानते हैं, सुनने की आदत नहीं : फातिमा नफीस

करीब एक साल से ज्यादा समय से लापता जेएनयू छात्र नजीब की अम्मी फातिमा नफीस ने दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि मोदी सिर्फ बोलना जानते हैं, सुनना की आदत नहीं। बहुत घूम लिए। अब जमीन पर चलेंगे। बहुत जल्द गुजरात जाएंगे। 

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिन लोगों ने नजीब को पीटा, वह बेहद कमजोर घर के थे। लेकिन उन्हें 10-10 लाख रुपये के वकील मिल रहे हैं। मोदी के जाने के बाद नयी हुकूमत आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वह अभियान चलाए कि यह हुकूमत कभी नहीं आए।
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