जेल में जगह की कमी के कारण बड़े ताले बनाने का कारखाना संचालित करना संभव नहीं है। मगर छोटे ताले, जिनमें साइकिल, पैड व हैंडल लॉक बनाने का कारखाना शुरू किया जा सकता है। इसे लेकर डीजी जेल संग जेल और उद्योग केंद्र के अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में सहमति बन गई है। शुक्रवार को हुई इस वीसी में तय हुआ है कि 300 वर्गगज स्थान में यह छोटा कारखाना शुरू किया जाएगा।
ओडीओपी के तहत जेल में ताला कारखाना शुरू करने का प्रस्ताव आया था। चूंकि बड़े तालों के कारखाने के लिए स्थान अधिक चाहिए। इसलिए दिक्कत बताई गई। मगर शुक्रवार को डीजी जेल संग वीसी में जेलर पीके सिंह व उद्योग केंद्र के उपायुक्त श्रीनाथ पासवान शामिल हुए। जिसमें चर्चा के बाद तय हुआ कि साइकिल, पैड और हैंडल के लॉक बनाने का कारखाना मात्र 15 लाख रुपये की लागत से 300 वर्गगज जमीन में तैयार हो जाएगा। इसकी बिक्री के लिए जेल के बाहर के एक आउटलेट खोली जाएगी। अगर बाहर से ऑर्डर आएगा तो सप्लाई दी जाएगी। इस पर सहमति बन गई है। कारागार प्रशासन जल्द जेल परिसर में जमीन तय करके देगा। इधर, जेल में अभी बंदियों के स्तर से सीमेंट की बैंच बनाई जा रही हैं। करीब पांच हजार रुपये कीमत में यह बैंच सरकारी महकमों को मुहैया कराई जा रही हैं।