रमजान के दौरान मीट की डिमांड को देखते हुए प्रशासन जल्द ही स्लॉटर हाउस शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। दो स्लॉटर हाउस स्वामियों ने भी अनुमति मांगी है। डीएम ने पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों से इस मामले में रिपोर्ट तलब कर ली है।
रमजान के माह में मीट की डिमांड हर साल बढ़ जाती है। लेकिन इस बार कोरोना के प्रकोप के चलते मीट की दुकानें न खुलने से मुस्लिम समाज के लोगों में हताशा का माहौल है। पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह ने भी यह मुद्दा जिलाधिकारी के समक्ष रखा था। इधर शासन स्तर से विभिन्न उद्योगों के साथ स्लॉटर हाउस खोले जाने को हरी झंडी दिखाने के बाद जिले के आठ में से दो स्लॉटर हाउस स्वामियों ने प्रशासन से अनुमति मांगी है।
सीवीओ एवं पॉल्यूशन नियंत्रण अधिकारी की रिपोर्ट तय करेगी भविष्य
स्लॉटर हाउस खुलने का भविष्य मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं क्षेत्रीय पॉल्यूशन नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी की रिपोर्ट तय करेगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने बताया कि निरीक्षण कर देखा जाएगा कि स्लाटर हाउस स्वामी स्लॉटरिंग के लिए पशुओं का इंतजाम कहां से करेगा। आमतौर पर स्लॉटरिंग के लिए पशु मथुरा, बदांयु, हाथरस, एटा, कासगंज एवं नोएडा से आते हैं। इनके ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था, पशुओं का स्वास्थ्य आदि बिंदुओं पर राजकीय पशु चिकित्सालय में तैनात अभिहित अधिकारी एवं पशु चिकित्साधिकारी रिपोर्ट देंगे। इन सभी मानकों पर स्लॉटर हाउस को सात दिन के लिए खोले जाने की अनुमति होगी। इसके बाद अधिकारी दोबारा परीक्षण करेंगे। यदि रिपोर्ट पॉजीटिव आई तो आगे भी संचालन होता रहेगा, अन्यथा की स्थिति में संचालन बंद करा दिया जाएगा।
शासन की गाइड लाइन के अनुसार यह देखा जाएगा कि कितने कर्मचारी स्लॉटर हाउस में काम करेंगे और पशुओं को लाने ले जाने की व्यवस्था क्या रहेगी। पशु पैठ बंद हैं। ऐसे में वधशाला स्वामी पशुओं की व्यवस्था कैसे करेगा? एक्सपोर्ट करेगा अथवा नहीं? इसके अलावा हाइडेंट प्वाइंट, ट्रीटमेंट प्लांट आदि व्यवस्था देखी जाएगी।
रामगोपाल, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
स्लॉटर हाउस खोलने पर विचार हो रहा है। पशुपालन, नगर निगम एवं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि स्लॉटर हाउस खुलेंगे, अथवा नहीं।
चंद्रभूषण सिंह, डीएम