एएमयू के लिए चिंताजनक खबर है। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) में एएमयू 10वें स्थान से फिसलकर 19वें स्थान पर पहुंच गया है। एएमयू के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इंजीनियरिंग कॉलेज की तुलना में बेहद ही खराब है।
सोमवार को एनआईआरएफ की रिपोर्ट जारी होने के बाद एएमयू में सन्नाटा पसर गया है। अधिकारी इस संबंध में कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह कई बार एएमयू को 2017 तक देश में नंबर वन यूनिवर्सिटी बनाने का दावा करते रहे।
जबकि उनके कार्यकाल के अंतिम दिनों में विभिन्न सर्वे में यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में लगातार गिरावट देखी जा रही है। एनआरआरएफ में जामिया मिल्लिया इस्लामिका का इंजीनियरिंग कॉलेज एएमयू के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से काफी आगे है। रैंकिंग में जामिया का इंजीनियरिंग कॉलेज 20वें नंबर पर है, जबकि जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी 40 वे नंबर पर पहुंच गया है। इससे पूर्व दी टाइम्स हायर एजूकेशन ब्रिक्स एंड इमरजिंग इकोनोमिज रैंकिंग (2017) में भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में एएमयू 15वें पायदान पर पहुंच गया था।
जबकि 2016 में एएमयू 13वें, 2015 में 10वें और 2014 में नौवें स्थान पर था। वहीं टीचिंग एवं रिसर्च के क्षेत्र में भी गिरावट दर्ज की गई थी। एएमयू की रैकिंग में लगातार गिरावट से इसके शुभचिंतक बेहद चिंतित है। आने वाले समय में इंतजामिया के फैसलों पर सवाल उठने की आशंका है।
आगजनी की घटना से एएमयू को नुकसान
एएमयू रैकिंग में गिरावट के संबंध में एएमयू पीआरओ उमर पीरजादा ने बताया कि एएमयू की रैकिंग में गिरावट नहीं आई है। रैकिंग पूर्व की तरह यथावत है। दरअसल आईआईटी को जोड़े जाने के कारण एएमयू की रैकिंग नीचे खिसक गई है।
पहले आईआईटी नहीं जोड़े जाते थे। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि पिछले साल एएमयू में आगजनी की घटना हुई थी। इसकी वजह से भी एएमयू को नुकसान हुआ। बीएचयू को परशेप्शन पर ज्यादा अंक मिले है।
उन्होंने बिना नाम लिए एएमयू के पूर्व ईसी सदस्य वसीम अहमद तथा अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी की ओर इशारा किया और कहा कि इन लोगों के कारण भी एएमयू की इमेज का धक्का लगा है।