रात में शराब पीकर घर आकर वह रोजाना की तरह सभी के साथ सो गया। रात के 3:00 बजे पत्नी और दोनों बेटे गहरी नींद में सो रहे थे, तभी संजय मांझी ने कमरे में रखे फावड़े से तीनों पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर भट्ठे के कर्मचारी जाग गए। संजय मांझी भीड़ को इकट्ठी देख वहां से फरार हो गया।
भट्ठा मालिक ने दी पुलिस को सूचना
फावड़े से उसके दोनों बेटे आजाद और सोनी सिर में चोट लगने से गंभीर रूप से घायल थे, जबकि पत्नी के पैर में चोट आई थी। भट्ठा मालिक ने पुलिस को सूचना देते हुए घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर पहले दोनों बेटों और बाद में पत्नी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।