धनीपुर मंडी स्थित एसजेडी कोविड हॉस्पिटल में बीते अप्रैल में हुई कोरोना संक्रमित पांच मरीजों की मौत के प्रकरण में हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर संजीव शर्मा को दोषी पाया गया है। इनके खिलाफ एसडीएम कोल रंजीत सिंह व डिप्टी सीएमओ डा. दुर्गेश ने संयुक्त रूप से जांच कर इनकी लापरवाही की पोल खोल दी है।
रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा गया है कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं हुई थी। मरीजों की स्थिति खराब होने के बाद भी संचालक ने उनको हायर सेंटर यानी जेएनएमसी या फिर दीनदयाल अस्पताल नहीं भेजा। पैसों के लालच में अपने यहां रखे रहे। इसी बीच उनकी मौत हो गई। अब पीड़ित परिवार चाहें तो इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए संचालक पर मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। इधर, डीएम को जांच रिपोर्ट सौंपी गई है, जिसके आधार पर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के स्तर से भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
बीते अप्रैल में एसजेडी हॉस्पिटल में पांच मरीजों की एकाएक मौत हो गई थी। सभी कोरोना संक्रमित थे। उस समय ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत होने की बात प्रकाश में आई। इस पर डीएम ने मामले की जांच एसडीएम कोल व डिप्टी सीएमओ को दी। एसडीएम कोल ने इस पूरे मामले की परतें खोलकर रख दीं हैं। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन अस्पताल में 110 ऑक्सीजन सिलिंडर थे। इन मौतों के पीछे का कारण यह सामने आया है कि मरीजों की स्थिति लगातार खराब होती गई। इसके बाद भी संचालक ने उनको वहां से रेफर नहीं किया। पैसों के लालच में उन्हें अस्पताल में ही रखा। इसके चलते उनकी मौत हो गई। डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। साथ ही मृतकों को क्या उपचार दिया जा रहा था, उनको क्या, क्या गंभीर बीमारियां थीं, किस आधार पर उनको संक्रमित पाया गया आदि की रिपोर्ट पेश की गई है।
पीड़ित परिवार अब दर्ज करा सकते हैं मुकदमा
पीड़ित परिवारों को लेकर एसडीएम ने बताया कि अब वह मुकदमा अपने स्तर से दर्ज करा सकते हैं। जांच में जब लापरवाही स्पष्ट हो गई है तो इसको आधार बनाया जा सकता है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई डीएम के आदेश पर होगी।