निशुल्क यात्रा सुविधा का सबसे अधिक लाभ एटा डिपो के यात्रियों ने उठाया। यहां से 94,135 महिलाओं और सहयात्रियों ने यात्रा की। बुद्ध विहार डिपो से 44,793 यात्रियों ने 56,54,646 रुपये, अलीगढ़ डिपो से 41,333 यात्रियों ने 56,54,979 रुपये, कासगंज डिपो से 39,366 यात्रियों ने 55,03,488 रुपये की निशुल्क यात्रा की।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा तो मिली, लेकिन बसों की कमी ने बहनों की परेशानी बढ़ा दी। बस अड्डों पर महिलाएं बच्चों और सामान के साथ घंटों बसों का इंतजार करती रहीं। बस आने पर सीट तो दूर, खड़े होने तक की जगह नहीं मिली। कई महिलाओं को धक्कामुक्की के बीच बस में चढ़ना पड़ा। बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर करने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई
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यात्रियों का कहना था कि मुफ्त यात्रा की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन उसके मुताबिक बसों की व्यवस्था नहीं की गई। कई जगह हालात ऐसे रहे कि महिलाओं को धक्के खाकर बस में जगह बनानी पड़ी। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि अलीगढ़ मंडल के छह डिपो से तीन दिनों में 2,87,474 महिलाओं और उनके सहयात्रियों ने मुफ्त यात्रा की। इन यात्रियों को कुल तीन करोड़ 56 लाख छह हजार 510 रुपये मूल्य की यात्रा सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई गई। 27 अगस्त को 29,369, 28 अगस्त को 1,14,643 और 29 अगस्त को सबसे ज्यादा 1,43,462 बहनों और उनके सहयात्रियों ने बसों से निशुल्क सफर किया।
एटा डिपो रहा सबसे आगे
निशुल्क यात्रा सुविधा का सबसे अधिक लाभ एटा डिपो के यात्रियों ने उठाया। यहां से 94,135 महिलाओं और सहयात्रियों ने यात्रा की। बुद्ध विहार डिपो से 44,793 यात्रियों ने 56,54,646 रुपये, अलीगढ़ डिपो से 41,333 यात्रियों ने 56,54,979 रुपये, कासगंज डिपो से 39,366 यात्रियों ने 55,03,488 रुपये की निशुल्क यात्रा की। हाथरस डिपो से 34,503 यात्रियों ने 44,97,793 रुपये और अतरौली डिपो से 33,344 यात्रियों ने 45,05,806 रुपये मूल्य की मुफ्त यात्रा का लाभ उठाया।