गजल गायक पंकज उधास की ख्वाहिश एएमयू में आने की थी, जो अधूरी ही रह गई। हालांकि, एएमयू में उनके भाई प्रदीप उधास ने उनकी गाई गजलें सुनाई थीं। एएमयू के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के निदेशक प्रो. एफएस शीरानी ने बताया कि वर्ष 2023 में एएमयू के एमबीए विभाग में पंकज उधास के भाई प्रदीप उधास अपनी प्रस्तुति देने आए थे। उन्होंने कहा कि भैया पंकज की एएमयू में प्रस्तुति देने की बड़ी ख्वाहिश थी, लेकिन कोई संयोग नहीं बन सका। उनकी इस ख्वाहिश को वह उनकी गजलों को सुनाकर करेंगे। प्रो. शीरानी ने कहा कि प्रदीप ने पंकज के गजल सुनाए और खूब वाहवाही लूटी। लोगों ने फरमाइश भी की, जिसका उन्होंने सम्मान भी रखा। प्रो. शीरानी ने कहा कि पंकज उधास की गायकी में बहुत खूबी थी। एक गायक की आवाज असीमित होती है, लेकिन उनकी सीमित थी। फिर भी उन्होंने उम्दा गजल और गीत गाए।
31 दिसंबर को नहीं आ सके अलीगढ़
पंकज उधास को शहर के एक होटल में पिछले वर्ष 31 दिसंबर की रात को प्रस्तुति देने के लिए बुलाया जा रहा था। मगर किन्हीं कारणों से वह कार्यक्रम स्थगित हुआ था। यह आयोजन आगरा रोड के एक होटल में तय हुआ था।
गजल गायकी में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले पंकज उधास के एलबम में हर तरह खजाना होता था। हर उम्र के के लोग बड़ी तन्मयता से उनको सुनते हैं। चिठ्ठी आई है.. चांदी जैसा रूप है तेरा..बेहद मशहूर हुए। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।-जॉनी फास्टर शायर व संगीतकार।
गजल गायक पंकज उधास के निधन से बहुत दुख हुआ। बहुत साल पहले अलीगढ़ नुमाइश में ही उनसे मुलाकात हुई थी और अत्यंत सुहृदय, विनम्र, दूसरों के दर्द को समझने वाले एक सच्चे कलाकार के रूप में उनसे रूबरू मुलाकात हुई, तब उन्हें समझने का मौका मिला। एक कलाकार के रूप में तब जाना कि ईश्वर के आशीर्वाद के रूप में एक कलाकार इस दुनिया के लिए क्या महत्व रखता है।-शरद गुप्ता, निदेशक, एसपीजीसी संगीत स्कूल