पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मुख्य आरोपी आयुष अपनी बाइक से व सिद्धार्थ अपनी अलग बाइक से सुरेंद्रनगर से होकर जा रहे थे । तभी अशोक गुप्ता की दुकान के सामने पहुंचने पर वहां पर खड़े मृतक के भतीजे ने आयुष को तेज हॉर्न व तेज बाइक चलाने पर टोक दिया था। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। उस समय तो दोनों वहां से चले गए। बाद में वे अपने दोस्त लखन व ऐश्वर्य उर्फ शौर्य को भी बुलाकर वहां पहुंचे। पहले भतीजे भवतोष को तलाशा गया। जो नहीं मिला। इसके बाद मुख्य आरोपी आयुष ने जवाब न मिलने पर तमंचे से फायरिंग कर दी, जिससे अशोक की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी भाग गए।
भागते समय सूरज से कहा बुलट ठिकाने लगाओ
इस घटना के बाद चारों आरोपी मौके से भाग गए। मगर उनकी बुलट मौके पर ही रह गई। इस पर आयुष ने फोन करके इलाके में ही रहने वाले अपने दोस्त सूरज को सक्रिय किया। वह घटना के वक्त आसपास ही घूम रहा था। उसे बुलट ठिकाने लगाने का काम दिया गया। इस पर सूरज ने मौके पर पहुंचकर बुलट को ठिकाने लगाया। जब तक वह मौके पर पहुंचा, तब तक पुलिस नहीं आई थी और परिजन व आसपास के लोग अशोक गुप्ता को अस्पताल ले जाने में व्यस्त थे। पुलिस ने सूरज को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त रही बुलेट को बरामद किया है।