कहीं हत्या कर कैश तो नहीं लूट ले गया चौकीदार क्षेत्र के प्रमुख जमींदार भट्ठा संचालक नीरज उर्फ बबली सिंह का या उनके परिवार का किसी से कोई विवाद या ऐसी रंजिश होना कोई भी नहीं मान रहा कि उसमें हत्या हो सके या कराई जा सके। क्षेत्र के बेहद भले व संभ्रांत लोगों में शुमार बबली सिंह की हत्या उनका चौकीदार क्यों करेगा?
इस सवाल को लेकर खुद उनके परिजन, परिचित और पुलिस उलझन में है। बार-बार एक ही बात सामने आ रही है कि या तो चौकीदार कैश लूटने के बाद उनकी हत्या कर भाग गया है। या फिर कोई ऐसी वजह है, जिसका खुलासा उसकी गिरफ्तारी पर ही होगा। फिलहाल पुलिस ने पश्चिमी यूपी भर में संदेश प्रसारित कर बुलेट पर बच्चों सहित सवार व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए मदद मांगी है। उम्मीद है कि जल्द उसकी गिरफ्तारी हो जाएगी।
सब ने हत्या के बाद चौकीदार को भागते देखा
सेवानिवृत्त शिक्षक धीरेंद्रपाल सिंह व उनके परिवार को लेकर सभी के मन में बड़ा सम्मान रहता है। जिसने भी बबली की हत्या की खबर सुनी, उसके मन में एक ही सवाल उठा कि आखिर इस भले आदमी की किसी से क्या रंजिश थी, जो मार दिया। जब पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से पूछताछ शुरू हुई तो एक ही बात सामने आई कि बबली सिंह की जब बाइक स्टार्ट हुई तो सामने चाय की दुकान पर मौजूद दुकानदार व वहां मौजूद लोगों ने एक ही बात समझी कि अब बबली सिंह गांव जाने के लिए निकल रहे हैं।
मगर दो-तीन पल निकलते ही एक-एक कर तीन फायर की आवाज सुनाई दी तो सभी भट्ठे की तरफ दौड़े। मगर अंदर घुसने पर देखा तो चौकीदार भाग रहा था। बस समझते देर न लगी कि वही हत्या कर भाग रहा है। चूंकि इन दिनों भट्ठे पर पथाई और ईंटों की सिकाई का काम बंद है। इसलिए वहां लेबर भी नहीं रहती। मुंशी भी समय से घर चला जाता है। इसलिए किसी ने हत्या होते तो नहीं देखी, मगर चौकीदार को अपने चार बच्चों सहित भागते जरूर देखा। इसके अलावा अंदर भट्ठे पर कोई था भी नहीं।
इसलिए यह माना जा रहा है कि उनके पास कहीं दिन भर की बिक्री का रुपया न हो, जिसे लूटने के इरादे से यह हत्या की गई हो। पुलिस पूछताछ में यह साफ हुआ कि चौकीदार ठाकुरदास निवासी महोबा अब से पहले क्षेत्र के दूसरे भट्ठे पर काम करता था। उसे इसी माह की 10 तारीख को नौकरी पर रखा गया था। फिलहाल पुलिस ने मुंशी व चाय विक्रेता को थाने ले जाकर दिन भर की गतिविधियों से संबंधित पूछताछ शुरू कर दी है।
तीन बेटे और पत्नी का हाल बेहाल शिक्षक धीरेंद्रपाल के तीन बेटों में मझले बबली की हत्या के बाद पूरा परिवार ही शोक में डूब गया है। मगर सबसे बुरा हाल उनके तीन बेटों क्रमश: शरद, शुभम व शेखर और पत्नी बबिता का है। उन्हें लोग संभाल नहीं पा रहे हैं। देर रात तक शव खुर्जा से अलीगढ़ पोस्टमार्टम केंद्र ले आया गया था। जहां मजमा लगा हुआ था।
भट्ठा संचालक की हत्या उनके ही चौकीदार ने की है और वह अपने बच्चों को लेकर भट्ठा संचालक की बुलेट बाइक पर सवार होकर फरार हो गया है। मगर अभी कारण साफ नहीं है। चौकीदार की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उसकी गिरफ्तारी पर ही साफ होगा कि हत्या क्यों की गई और किस हथियार से की गई। जल्द ही घटना को स्पष्ट किया जाएगा। टीमों को लगाया गया है- आकाश कुलहरि एसएसपी
यह हमारे क्षेत्र के बेहद भले व सम्मानित व्यक्ति की हत्या हुई है। उनकी हत्या पर मुझे व्यक्तिगत क्षति है और परिवार व क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। अभी तक की जांच में चौकीदार पर ही हत्या का आरोप है। यह भी संभव है कि वह बुलेट में रखी रकम ले गया हो। अभी जांच के बाद साफ होगा। पुलिस अधिकारियों से बात हो गई है। पुलिस अपना काम कर रही है। जल्द घटना का खुलासा होगा- ठा.दलवीर सिंह विधायक