भीषण गर्मी में दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय के साथ-साथ जिला मलखान सिंह अस्पताल का भी बुरा हाल है। उल्टी, दस्त और पेट दर्द के मरीज बढ़ने के कारम इन दिनों मरीजों की संख्या दो गुना से अधिक हो गई है। जिसके कारण एक - एक बेड पर दो- दो मरीजों का उपचार हो रहा है। सबसे बुरा हाल उल्टी दस्त से पीड़ित बच्चों का है। इनसे जुड़े कई वार्ड ऐेसे हैं, जहां पर न तो पंखे चल रहे हैं और नही कूलर। दोनों अस्पतालों में व्यवस्था के लिए मरीज और तीमारदार की ओर से कई बार अनुरोध किया गया लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में प्रबंधन बेड शीट तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इतना ही नहीं, हर बेड पर दो-दो बच्चों को लिटाकर इलाज किया ही जा रहा है। इसके बावजूद बेड कम पड़ गए हैं, जिसकी वजह से महिलाएं जमीन पर बैठकर अपने बच्चों को गोद में लिटाकर इलाज कराने के लिए मजबूर हैं।
दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की संख्या आम दिनों में 800 तक हुआ करती थी लेकिन अब 1600 से 2000 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। यही हाल जिला मलखान सिंह चिकित्सालय का है, यहां पर भी 700 के स्थान पर 1500 तक मरीज उपचार के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी प्रतिदिन एक सौ से अधिक हो गई है।
जिला मलखान सिंह अस्पताल के वार्ड नंबर दो और तीन में मरीजों के लिए लगाये गए पंखे खराब पड़े हैं। बच्चा वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज चल रहा है। यहां बेडों पर बेडशीट तक नहीं है, जिसकी वजह से संक्रमण का खतरा बना हुआ है। बेड के अभाव में कई महिलाएं तो अपने बच्चों का इलाज गोद में बैठाकर करा रही हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के वार्ड आठ में दोनों कूलर खराब पड़े हैं। वार्ड पांच में पंखे बंद हैं। अस्पताल परिसर में वाटर कूलर भी खराब पड़ा हुआ है। जिसके चलते मरीजों को ठंडा पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा है।
उल्टी दस्त व पेट दर्द की बढ़ी है ओपीडी
- इन दिनोंओपीडी में सबसे ज्यादा उल्टी-दस्त, चक्कर और पेट दर्द के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर भी खाली पेट न रहने की सलाह दे रहे हैं।
अस्पताल में कुछ अव्यवस्थाएं रहीं , जिनका शनिवार को समाधान हो जाएगा। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक -एक बेड पर दो-दो मरीज की व्यवस्था करनी पड़ी है। अनुपम भास्कर, सीएमएस दीन दयाल
वैसे तो बेडशीट बिछाई जाती हैं। यदि कुछ बेड पर बेडशीट नहीं बिछी हैं वहां पर शनिवार को व्यवस्था सुनिश्चित करा दी जाएगी। ईश्वरी देवी बत्रा, सीएमएस जिला मलखान सिंह अस्पताल