युवक अपनी मां, छोटे भाई व 16 साल की बहन के साथ घर में बैठा था। तभी पड़ोसी अंसार घर में घुस आया। उसने बहन के साथ छेड़खानी की। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जमानत पर बाहर आने के बाद अंसार 9-10 साल फरार हो गया। दो माह पहले उसकी गिरफ्तारी हुई।
अलीगढ़ के एडीजे पॉक्सो प्रथम राजीव शुक्ला की कोर्ट ने कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में घर में घुसकर किशोरी से छेड़खानी के मामले में एक युवक को दोषी मानते हुए चार साल की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जो पीड़ित को दिए जाएंगे।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी ललित सिंह पुंढीर के अनुसार 18 नवंबर 2013 को सुबह 11 बजे कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक अपनी मां, छोटे भाई व 16 साल की बहन के साथ घर में बैठा था। तभी पड़ोसी अंसार घर में घुस आया। उसने बहन के साथ छेड़खानी की। किशोरी के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अंसार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
जमानत पर बाहर आने के बाद अंसार 9-10 साल फरार हो गया। इस पर उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। बाद में सीआरपीसी की धारा 299 के तहत वादी के बयान व पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर फाइल बंद होने वाली थी। लेकिन, कोर्ट के आदेश पर अंसार को तलाशने का प्रयास चल रहा था। दो माह पहले उसकी गिरफ्तारी हुई। अंसार बुजुर्ग है। ऐसे में अदालत ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अंसार को चार साल कारावास की सजा सुनाई है।