अनलॉक वन लागू होने के बाद अब जिला प्रशासन को ईट भट्ठों में फंसे हजारों मजदूरों की याद आ गई है। एडीएम प्रशासन डीपी पाल ने सोमवार को ईंट भट्ठा एसोसिएशन के साथ बैठक कर इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए। जिसके मुताबिक समस्त र्इंट भट्टा संचालक अपने भट्ठे पर कार्यरत मजदूरों की संपूर्ण मजदूरी का पूरा भुगतान करेंगे। उन मजदूरों की सूची देंगे, जिसमें उनका नाम, पूर्ण पता मय राज्य एवं मोबाइल नंबर दर्ज होगा।
ये सूची नौ जून शाम पांच बजे तक प्रत्येक दशा में अपर जिलाधिकारी प्रशासन के कार्यालय में उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही भट्टा संचालक मजदूरी का पूरा भुगतान करने का प्रमाण पत्र, मजदूरों की विस्तृत सूची के साथ प्रस्तुत करेंगे। इस संबंध में खनन अधिकारी, डीएलआरसी से संपर्क कर जानकारी कर सकते हैं। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा है कि ईंट भट्टों पर कार्य करने वाले श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजने के संबंध में खनन अधिकारी एवं जनपद के ईट भट्टा यूनियन के अध्यक्ष, मंत्री व कोषाध्यक्ष के साथ बैठक कर लें। श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजे जाने हेतु भट्टा एसोसिएशन व स्वामियों से धनराशि प्राप्त कर रेल विभाग के भारतीय स्टेट बैंक नई दिल्ली शाखा में जमा कराई जाए। जिससे उन श्रमिकों को उनके गंतव्य तक जाने का कन्फर्म टिकट मिल सके। टिकट मिलने के बाद श्रमिकों को उनके गृह राज्यों के जनपदों की ओर रवाना किया जाए। एडीएम ने बैठक में स्पष्ट किया अगर इन दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन नहीं हुआ तो संबंधित ईंट भट्ठा स्वामी के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई होगी। इसमें कोई रियायत नहीं दी जा सकती है, क्योंकि मजदूर कई दिनों से फंसे हैं।
भट्ठों में कैद है मजदूर
आगरा रोड पर मडराक के पास एक गांव में संचालित एक ईंट भट्टे के मजदूर विनोद ननुआ निवासी जनपद गया बिहार ने बताया कि वहां का ठेकेदार उनको परेशान कर रहा है। भट्ठा मालिक भी कुछ नहीं सुन रहा है। उसको और उसके भाई को बंधुआ मजदूर बना कर काम कराया जा रहा है। जब वह मजदूरी मांगते हैं या घर भेजने की बात करते हैं तो उनके साथ गालीगलौज मारपीट होती है। सोमवार को भी उसके साथ यही हुआ। उसके जैसे कई दर्जन मजदूर बिहार से आए हैं और यहां के ईंट भट्ठों में फंसे हैं। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रशासन की सोमवार की बैठक के बाद विनोद जैसे सैकड़ों मजदूरों को मजदूरी का भुगतान होने और उनके घर वापस पहुंचने की उम्मीद जग गई है।